Faridabad Blast Plot Exposed: धौज गांव में 360 किलो विस्फोटक बरामद, बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम!

हरियाणा के फरीदाबाद के धौज गांव से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, हथियार और IED बनाने की सामग्री बरामद हुई है। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को नाकाम कर दिया।

Faridabad Blast Plot Exposed: धौज गांव में 360 किलो विस्फोटक बरामद, बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम!

फरीदाबाद के धौज गांव में उस वक्त सनसनी फैल गई जब सुरक्षा एजेंसियों ने एक किराए के मकान से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, हथियार और IED बनाने के उपकरण बरामद किए। बताया जा रहा है कि यह मकान आतंकी नेटवर्क से जुड़े लोगों ने किराए पर लिया था और यहां भारी मात्रा में विस्फोटक जमा कर रखा गया था।

डॉ. आदिल की गिरफ्तारी से खुली साजिश की परतें
पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश तब शुरू हुआ जब जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डॉ. आदिल अहमद राठर नामक संदिग्ध को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने अपने नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में अहम जानकारी दी। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने 30 अक्टूबर को डॉ. शकील नामक दूसरे सदस्य को भी हिरासत में लिया। शकील ने खुलासा किया कि उसने फरीदाबाद के धौज गांव में विस्फोटक और हथियार छिपाकर रखे हैं।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा आरोपी डॉ. मुजम्मिल गिरफ्तार
जांच की कड़ी में पुलिस ने डॉ. मुजम्मिल को भी गिरफ्तार किया, जो फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में टीचिंग करता था। माना जा रहा है कि मॉड्यूल में उसकी भूमिका बेहद अहम थी। वह ही नेटवर्क की स्थानीय कड़ी को मजबूत कर रहा था और विस्फोटक सामग्री की निगरानी करता था।

360 किलो अमोनियम नाइट्रेट, हथियार और टाइमर बरामद
पुलिस को मकान की तलाशी के दौरान 360 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट, लगभग 5 किलो भारी धातु, 20 टाइमर, 24 रिमोट, इलेक्ट्रिक वायरिंग, और कई सर्किट मिले। इन सामग्रियों से साफ है कि आरोपी उच्च क्षमता वाले IED (Improvised Explosive Device) बनाने की तैयारी में थे।

बरामद हथियारों में एक असॉल्ट राइफल (AK-47 जैसी दिखने वाली), तीन मैगजीन, 84 जिंदा कारतूस, एक पिस्टल और कई संचार उपकरण भी शामिल हैं। टीम को बारह सूटकेस भी मिले जिनमें विस्फोटक और उपकरणों को छिपाया गया था।

आतंकी मॉड्यूल के तार सीमा पार तक जुड़े होने की आशंका
प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं, बल्कि एक संगठित आतंकी मॉड्यूल है, जिसके तार पाकिस्तान या अन्य सीमापार नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई और इसका इस्तेमाल कब व कहां होना था।

NIA भी जांच में शामिल हो सकती है
इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के इनपुट के बाद अब संभावना है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) भी इस केस की जांच में शामिल हो। बरामद सभी सामग्री को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। एजेंसियां अब डिजिटल ट्रेल, फंडिंग सोर्स और स्थानीय सपोर्ट सिस्टम की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर का बयान
फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर सत्येंद्र गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह कार्रवाई कई दिनों से चल रही थी और पुलिस की विभिन्न टीमें एक सक्रिय एंटी-टेरर मॉड्यूल पर काम कर रही थीं। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी डॉ. मुजम्मिल को करीब 9-10 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। गुप्ता ने कहा कि “हथियार कहां से आए और किसके जरिए पहुंचे, यह जांच का विषय है। फिलहाल राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती।”

संभावित आतंकी हमले को रोकने में बड़ी सफलता
सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया है कि अगर यह विस्फोटक समय रहते न बरामद किए जाते, तो यह उत्तर भारत में एक भीषण आतंकी वारदात का कारण बन सकते थे। यह ऑपरेशन भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ा ब्रेकथ्रू साबित हुआ है।