मालेगांव ब्लास्ट केस से बरी हुईं साध्वी प्रज्ञा की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती
मालेगांव ब्लास्ट केस से बरी हुईं साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की तबीयत बिगड़ी। मुंबई के अस्पताल में भर्ती। जानें कोर्ट ने क्या कहा और उन्होंने क्या आरोप लगाए।
मालेगांव ब्लास्ट केस (Malegaon Blast Case) में राहत मिलने के एक दिन बाद ही बीजेपी की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (Sadhvi Pragya Singh Thakur) की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें शुक्रवार को मुंबई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुरुवार को एनआईए (NIA) की विशेष अदालत ने प्रज्ञा ठाकुर समेत सभी सात आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।
2008 का वो काला दिन
29 सितंबर 2008 को महाराष्ट्र के मालेगांव में एक मस्जिद के पास विस्फोट हुआ था, जिसमें 6 लोगों की मौत और 101 लोग घायल हुए थे। विस्फोटक एक मोटरसाइकिल में लगाया गया था। साध्वी प्रज्ञा उस समय से जांच एजेंसियों के निशाने पर रहीं।
'मेरे शरीर और आत्मा पर कांग्रेस का अत्याचार झेल रही हूं'– साध्वी प्रज्ञा का आरोप
पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर लंबे समय से इस केस में महाराष्ट्र ATS द्वारा किए गए टॉर्चर की बात करती रही हैं। उन्होंने 6 नवंबर 2024 को X (पूर्व ट्विटर) पर एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा था, यदि जिंदा रही, तो कोर्ट जरूर जाऊंगी।
उन्होंने कहा था कि ATS कस्टडी में कांग्रेस शासन के दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। उन्होंने अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में बताते हुए लिखा, ब्रेन में सूजन, आंखों से कम दिखना, कानों से कम सुनना, बोलने में असंतुलन, पूरे शरीर में सूजन, न्यूरो और स्टेरॉयड की दवाओं का साइड इफेक्ट।
NIA कोर्ट का बड़ा फैसला: सिर्फ संदेह नहीं, चाहिए सबूत
विशेष न्यायाधीश एके लाहोटी ने कहा कि आरोपियों को संदेह का लाभ मिलता है। सिर्फ शक के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। मोटरसाइकिल के पंजीकरण से संबंधित अभियोजन पक्ष के दावे साबित नहीं हुए।
कोर्ट ने यह साफ किया कि विस्फोट में इस्तेमाल हुई मोटरसाइकिल साध्वी प्रज्ञा के नाम पर पंजीकृत होने का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला।


आँखें न्यूज़ 24 




