PHOTO: हँसी, कला और संस्कृति से सजा ज्ञानस्थली हाई स्कूल का एनुअल डे 2025

ज्ञानस्थली हाई स्कूल, बाढ़ में एनुअल डे 2025 का भव्य आयोजन हुआ, जहां कॉमेडियन सुनील पाल और अभिनेता राहुल सिंह की शानदार प्रस्तुति के साथ छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।

PHOTO: हँसी, कला और संस्कृति से सजा ज्ञानस्थली हाई स्कूल का एनुअल डे 2025

ज्ञानस्थली हाई स्कूल, बाढ़ में रविवार 7 दिसंबर 2025 को आयोजित वार्षिक समारोह ने पूरे शहर को उत्सव के रंग में रंग दिया। विद्यालय परिसर तालियों की गूंज, रंग-बिरंगी रोशनी और बच्चों की प्रतिभा से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम का माहौल पूरे समय अनुशासित, भव्य और उत्साह से भरपूर रहा। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर सीनियर छात्रों तक, सभी ने मंच पर अपनी प्रस्तुति से लोगों का दिल जीत लिया।

मंच पर सितारे, बच्चों की चमकती प्रतिभा
कार्यक्रम के आकर्षण का केंद्र बने मशहूर कॉमेडियन सुनील पाल, जिनकी हास्य प्रस्तुति ने दर्शकों को लगातार हँसी से लोटपोट कर दिया। वहीं चर्चित अभिनेता राहुल सिंह ने अपनी मंचीय मौजूदगी और प्रस्तुति से पूरे कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। बच्चों ने नृत्य, गीत और रंगारंग कार्यक्रमों के जरिए अपनी रचनात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया, जिसे देख अभिभावक भी गर्व से झूम उठे।

प्रशासन और समाज की गरिमामयी मौजूदगी
इस भव्य आयोजन में बाढ़ के A.S.P. आनन्द कुमार और मेडिकल ऑफिस इंचार्ज डॉ. इकबाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इनके साथ शहर के कई प्रतिष्ठित नागरिक, शिक्षाविद, समाजसेवी और बड़ी संख्या में अभिभावक भी कार्यक्रम का हिस्सा बने। सभी अतिथियों की मौजूदगी ने समारोह की गरिमा को और ऊँचा कर दिया।

शिक्षा के साथ संस्कार और आत्मविश्वास का संदेश
विद्यालय की डायरेक्टर मीनू सिंह और शालिनी सिंह ने मंच पर सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर भव्य स्वागत किया। अपने संबोधन में मीनू सिंह ने कहा कि ज्ञानस्थली का उद्देश्य केवल किताबी शिक्षा देना नहीं, बल्कि बच्चों में संस्कार, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करना है। वहीं शालिनी सिंह ने वार्षिक समारोह को बच्चों की प्रतिभा को निखारने का सबसे सशक्त माध्यम बताया।

राष्ट्रगान के सम्मानजनक स्वर और धन्यवाद ज्ञापन के साथ यह भव्य आयोजन संपन्न हुआ। उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह आयोजन न सिर्फ एक सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया।