8 आतंकी कैंप अब भी सक्रिय, सेना प्रमुख की पाकिस्तान को चेतावनी—हर उकसावे पर जवाब तय
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सीमा पार सक्रिय आतंकी कैंपों पर सख्त चेतावनी दी। ऑपरेशन सिंदूर, एलओसी स्थिति और डीजीएमओ बातचीत पर बड़ा बयान।
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सीमा पार आतंकवाद को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। उन्होंने बताया कि सीमा के उस पार अब भी कई आतंकी प्रशिक्षण ठिकाने सक्रिय हैं, जिन पर भारतीय सेना लगातार निगरानी बनाए हुए है। सेना प्रमुख का साफ कहना है कि किसी भी तरह की उकसावे वाली गतिविधि का जवाब पहले की तरह निर्णायक होगा।
सेना प्रमुख के अनुसार, कुल आठ आतंकी ट्रेनिंग कैंप अभी भी सक्रिय हैं। इनमें से दो इंटरनेशनल बॉर्डर के पास और छह लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) के नजदीक स्थित हैं। खुफिया एजेंसियों से मिलने वाले नियमित इनपुट के आधार पर इन सभी ठिकानों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी खतरे को समय रहते रोका जा सके।
उकसावे पर त्वरित जवाब तय
जनरल द्विवेदी ने बताया कि इन आतंकी कैंपों में लगभग 100 से 150 आतंकियों की मौजूदगी की आशंका है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि इन ठिकानों से भारत के खिलाफ किसी भी प्रकार की गतिविधि होती है, तो भारतीय सेना फिर से सख्त कार्रवाई करने में कोई संकोच नहीं करेगी। ऑपरेशन सिंदूर अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और सेना उच्च स्तर की सतर्कता में है।
सैन्य तैनाती में कमी पर सहमति
सेना प्रमुख ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुई डीजीएमओ स्तर की बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस बैठक में दोनों देशों की सेनाओं द्वारा तनाव के दौरान की गई फॉरवर्ड तैनाती को कम करने पर सहमति बनी थी। इसके तहत दोनों ओर की सेनाओं ने अपने सैनिकों और संसाधनों को तय स्थानों पर वापस भेज दिया है।
परमाणु मुद्दे पर सेना का स्पष्टीकरण
परमाणु हथियारों को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि डीजीएमओ स्तर की बातचीत में इस विषय पर कोई चर्चा नहीं हुई। उन्होंने बताया कि परमाणु हथियारों से जुड़े बयान राजनीतिक या सार्वजनिक मंचों से आए थे, सेना की ओर से ऐसा कोई संदेश नहीं दिया गया।
भारत की रणनीतिक क्षमता का प्रदर्शन
सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पहली बार पारंपरिक और परमाणु युद्ध क्षमता के बीच की रणनीतिक ताकत का सफल उपयोग किया। इससे यह संदेश गया है कि भारत हर स्तर पर अपने हितों की रक्षा करने में सक्षम है और जरूरत पड़ने पर किसी भी सीमा तक जा सकता है।
ऑपरेशन सिंदूर के ठोस नतीजे
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि तय किए गए नौ लक्ष्यों में से सात को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। यह सैन्य अभियान 7 मई को शुरू हुआ था और 10 मई तक चला। 10 मई के बाद से जम्मू-कश्मीर में हालात नियंत्रण में हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।


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