कुलगाम में 9वें दिन भी जारी 'अखल ऑपरेशन', दो जवान शहीद; अब तक 3 आतंकवादी ढेर

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में 'अखल ऑपरेशन' 9वें दिन भी जारी है। अब तक 3 आतंकी ढेर और 2 जवान शहीद हो चुके हैं। जानें कैसे चल रहा है पिछले 10 साल का सबसे लंबा आतंकवाद-रोधी अभियान।

कुलगाम में 9वें दिन भी जारी 'अखल ऑपरेशन', दो जवान शहीद; अब तक 3 आतंकवादी ढेर
कुलगाम में तैनात भारतीय सेना के जवान

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच चल रहा 'अखल ऑपरेशन' नौवें दिन भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार रातभर चली गोलीबारी में भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए और चार सुरक्षाकर्मी घायल हुए। अधिकारियों के मुताबिक यह पिछले दस सालों का सबसे लंबा आतंकवाद-रोधी अभियान बन गया है।

अब तक 11 जवान घायल, 3 आतंकी ढेर
1 अगस्त 2025 को शुरू हुए इस ऑपरेशन में अब तक 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो चुके हैं। सेना ने जानकारी दी कि ऑपरेशन के दौरान अब तक 3 आतंकवादी मारे जा चुके हैं, लेकिन उनके संगठन और पहचान का खुलासा अभी नहीं हो पाया है।

शहीद जवानों को नमन
भारतीय सेना के चिनार कोर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा — चिनार कोर देश के लिए शहीद हुए वीर लेफ्टिनेंट कर्नल प्रितपाल सिंह और सिपाही हरमिंदर सिंह के सर्वोच्च बलिदान को नमन करता है। उनका साहस और समर्पण हमें सदैव प्रेरित करता रहेगा।

कैसे शुरू हुआ 'अखल ऑपरेशन'
दक्षिण कश्मीर के अखल जंगल में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। शुरुआती गोलीबारी के बाद शुक्रवार की रात ऑपरेशन रोका गया, लेकिन अगले दिन फिर से मुठभेड़ शुरू हुई, जिसमें दो आतंकवादी मारे गए।

ऑपरेशन की निगरानी और चुनौतियां
जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख नलिन प्रभात और उत्तरी कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा स्वयं अभियान की 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। आतंकियों के ठिकानों का पता लगाने के लिए ड्रोन और हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। पैरा कमांडो भी अभियान में मोर्चा संभाले हुए हैं।

आतंकवादी ऊंचाई वाले इलाकों में छिपकर जवानों की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं और समय-समय पर ठिकाने बदल रहे हैं, जिससे अभियान में कठिनाई बढ़ रही है।

एनकाउंटर अभी जारी
घने जंगलों में छिपे आतंकवादियों की तलाश और उन्हें खत्म करने के लिए सेना ने इलाके की कड़ी घेराबंदी कर रखी है। ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक इलाके से सभी आतंकियों का सफाया नहीं हो जाता।