Land for Job Scam: सुप्रीम कोर्ट से लालू यादव को बड़ा झटका, ट्रायल पर रोक से इनकार, हाईकोर्ट को स्पीडी ट्रायल का आदेश

Land for Job Scam में लालू यादव को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा। सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और हाईकोर्ट को speedy trial का आदेश दिया। जानें पूरी खबर।

Land for Job Scam: सुप्रीम कोर्ट से लालू यादव को बड़ा झटका, ट्रायल पर रोक से इनकार, हाईकोर्ट को स्पीडी ट्रायल का आदेश
Lalu Yadav

पूर्व रेल मंत्री और RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव को Land for Job Scam मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने लालू यादव की ट्रायल पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया और हाईकोर्ट को मामले की speedy trial करने का आदेश दिया। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में लालू यादव की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

लालू यादव ने इस मामले की सुनवाई पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। लेकिन शुक्रवार को हुई सुनवाई में अदालत ने साफ किया कि हाईकोर्ट में चल रही कार्यवाही में दखल नहीं दिया जा सकता। अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट की टिप्पणियों से केस के मेरिट पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने लालू यादव की याचिका का निपटारा कर दिया।

क्या है Land for Job Scam?
CBI के मुताबिक, साल 2004 से 2009 के बीच, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, उस दौरान बिहार के कई उम्मीदवारों को जमीन देने के बदले रेलवे में नौकरियां दी गईं। सीबीआई ने अपनी तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट में 78 लोगों को आरोपी बनाया है। इनमें 38 कैंडिडेट्स के अलावा कुछ अधिकारी और लालू यादव के निजी सचिव रह चुके भोला यादव का नाम भी शामिल है।

चार्जशीट के अनुसार, भोला यादव ने ही सभी कैंडिडेट्स से जमीन के सौदे कराए और अधिकारियों को निर्देश दिए। इस मामले में लालू यादव के परिवार के पांच सदस्यों के नाम भी शामिल हैं।

CBI की चार्जशीट में क्या कहा गया?
सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक डीपी सिंह के मुताबिक —
- उम्मीदवार मुख्य रूप से बिहार के थे।
- जमीन मामूली कीमतों पर लालू यादव और उनके परिवार के नाम ट्रांसफर हुई।
- बदले में उम्मीदवारों को रेलवे में नौकरियां दी गईं।
- भोला यादव की भूमिका केंद्रीय रही।

सीबीआई ने इस साल 6 मार्च को तीसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की थी। अब हाईकोर्ट को इस मामले में जल्द सुनवाई करनी होगी।

अब क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब मामला हाईकोर्ट में तेज़ी से चलेगा। हाईकोर्ट को जल्द से जल्द ट्रायल पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इससे लालू यादव और उनके परिवार के लिए कानूनी चुनौतियां और बढ़ सकती हैं।