महाकुंभ 2025: मौनी अमावस्या भगदड़ पर विवाद, बीबीसी और सरकार के दावों में बड़ा अंतर

प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ में मौतों की संख्या को लेकर सरकार और बीबीसी रिपोर्ट में बड़ा अंतर। जानें सरकार और विपक्ष के बयानों के साथ विस्तृत जानकारी।

महाकुंभ 2025: मौनी अमावस्या भगदड़ पर विवाद, बीबीसी और सरकार के दावों में बड़ा अंतर
mahakumbh 2025

प्रयागराज में 2025 में हुए महाकुंभ के दौरान मौनी अमावस्या (29 जनवरी) के दिन मची भगदड़ को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और बीबीसी की रिपोर्ट में बड़ा अंतर सामने आया है। सरकार ने इस घटना में 37 मौतों का दावा किया था, जबकि बीबीसी हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, मृतकों की संख्या 82 थी।

सरकार का बयान
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा कि यह एक दुखद घटना थी, लेकिन सरकार ने हर पीड़ित परिवार की मदद की है। उन्होंने कहा, आप लोग कुछ समाचार चला दें और मैं उसका जवाब दूं, ऐसा नहीं है। महाकुंभ दिव्य और भव्य रहा। 66 करोड़ श्रद्धालु आए और पुण्य के भागी बने। एक दुःखद घटना घटी, जिसका हमें खेद है।

केशव मौर्य ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य हर श्रद्धालु की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

बीबीसी रिपोर्ट पर सपा का हमला
बीबीसी की रिपोर्ट के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट महाकुंभ में हुई मौतों और उससे जुड़े तथ्यों की खोज का आरंभ है। अखिलेश ने सरकार से 8 सवाल पूछे और कहा, झूठ का कोई भी सूचना-प्रबंधन सत्य को बाहर आने से नहीं रोक सकता।

महाकुंभ की ऐतिहासिकता और सरकार का पक्ष
महाकुंभ 2025 को दिव्य और भव्य बनाने के लिए व्यापक तैयारी की गई थी। इसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सरकार ने व्यवस्था में किसी प्रकार की कमी न होने का दावा किया, लेकिन भगदड़ की घटना ने आयोजन पर सवाल खड़े कर दिए।