लखनऊ में मायावती की शक्ति-प्रदर्शन रैली: सीएम योगी की तारीफ, सपा पर तीखा हमला

लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती की विशाल रैली में उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी सरकार की तारीफ की, जबकि सपा और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। मायावती ने कहा कि सपा ने कांशीराम स्मारकों का नाम बदला और दलित समाज को गुमराह किया।

लखनऊ में मायावती की शक्ति-प्रदर्शन रैली: सीएम योगी की तारीफ, सपा पर तीखा हमला
Mayawati

लखनऊ के कांशीराम स्मारक स्थल पर शुक्रवार को हुई बहुजन समाज पार्टी (BSP) की विशाल रैली ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। इस रैली में मायावती ने एक तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ और भाजपा सरकार की सार्वजनिक सराहना की, वहीं समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर करारा हमला बोला।

मायावती ने कहा कि बीजेपी सरकार ने स्मारक स्थल की मरम्मत और रखरखाव के लिए टिकट का पैसा सही तरीके से खर्च किया है, जबकि सपा सरकार के समय ऐसा नहीं हुआ था।

'योगी सरकार ने रखरखाव पर खर्च किया, सपा ने टिकट का पैसा दबाया था'
अपने भाषण में मायावती ने कहा — बीजेपी सरकार की तारीफ इसलिए कर रही हूं क्योंकि उन्होंने स्मारक की मरम्मत करवाई है और टिकट का पैसा रखरखाव में लगाया है। सपा की तरह उन्होंने पैसा दबाया नहीं।

उन्होंने मंच से यूपी सरकार का आभार जताते हुए कहा कि “हम बीजेपी सरकार के आभारी हैं, जिन्होंने इस रैली स्थल की मरम्मत करवाई।”

रैली में उमड़ी भीड़ ने तोड़े रिकॉर्ड, मायावती बोलीं — 2027 की तैयारी अभी से
रैली में जबरदस्त भीड़ देखने को मिली। मायावती ने मंच से कहा कि “आज की भीड़ ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र और उत्तराखंड से भी समर्थक इस रैली में शामिल होने पहुंचे।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह रैली 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों के लिए बसपा की शुरुआती ताकत दिखाने का संदेश थी।

'जब सत्ता में होते हैं तो संतों की याद नहीं आती'
मायावती ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि वे अब कांशीराम स्मारक की बात कर रहे हैं, लेकिन जब सत्ता में थे तो उन्होंने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया। जब सपा सत्ता में नहीं होती, तब उन्हें बसपा के नेता और दलित संतों की याद आती है। सत्ता में आने पर सब भूल जाते हैं। ऐसे दोगले लोगों से सावधान रहना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि बसपा सरकार के दौरान जिन स्मारकों का नाम कांशीराम जी के नाम पर रखा गया था, उन्हें सपा सरकार ने बदल दिया।

'सपा और बीजेपी दोनों ने नहीं किया विकास, आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा'
मायावती ने सपा और बीजेपी दोनों पर हमला बोलते हुए कहा कि इन दोनों सरकारों ने समाज का विकास नहीं किया। उन्होंने कहा कि गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है, आरक्षण का सही लाभ नहीं मिल रहा, और मुस्लिम समाज को भी सुरक्षा और समान अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। अब तो लोगों का जान-माल और मजहब भी सुरक्षित नहीं है। यूपी में कानून व्यवस्था बेहद खराब स्थिति में है।

'2007 में हमें केंद्र की सत्ता से वंचित किया गया, ईवीएम से खेल हुआ'
बसपा प्रमुख ने 2007 की याद दिलाते हुए कहा कि जब यूपी में पूर्ण बहुमत से बसपा की सरकार बनी थी, तब कांग्रेस, बीजेपी और सपा जैसी जातिवादी पार्टियों ने षड्यंत्र रचा ताकि बसपा केंद्र की सत्ता तक न पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में EVM का सहारा लेकर बसपा के वोटों को रोका गया, जबकि बैलेट पेपर से चुनाव अधिक पारदर्शी हो सकते हैं।

'संविधान बचाओ, बाबा साहेब का अपमान मत होने दो'
मायावती ने कहा कि आपातकाल के समय संविधान को कुचला गया, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को संसद तक नहीं पहुंचने दिया गया और उन्हें भारत रत्न देने में भी देरी की गई। उन्होंने कहा कि सपा ने हमेशा कांशीराम जी और दलित समाज का अपमान किया है। अब समय आ गया है कि दलित समाज जागरूक हो और अपने अधिकारों की रक्षा करे।