मोदी कैबिनेट के 6 बड़े फैसले: किसानों को मिलेगा 2000 करोड़ का अनुदान, रेलवे में भी बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी

मोदी कैबिनेट ने किसानों और रेलवे के लिए लिए 6 बड़े फैसले। NCDC को 2000 करोड़ की सहायता, PMKSY को 6520 करोड़ का बजट, रेलवे में 574 KM नए नेटवर्क की मंजूरी। जानिए विस्तार से।

मोदी कैबिनेट के 6 बड़े फैसले: किसानों को मिलेगा 2000 करोड़ का अनुदान, रेलवे में भी बड़े प्रोजेक्ट को हरी झंडी
PM Narendra Modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों और रेलवे से जुड़े छह बड़े फैसले लिए गए। इन फैसलों का उद्देश्य देश के कृषि और बुनियादी ढांचे को मजबूती देना है।

किसानों को मिला बड़ा फंड: NCDC को 2000 करोड़ की सहायता
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NCDC) के लिए 2000 करोड़ रुपये की अनुदान सहायता को मंजूरी दी गई है। यह राशि 2025-26 से 2028-29 तक खर्च की जाएगी। देश के 94% किसान NCDC से जुड़े हैं, जिससे यह फैसला सीधे करोड़ों किसानों को लाभ देगा।

कृषि संपदा योजना को मिली नई उड़ान
प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के तहत केंद्र सरकार ने योजना का परिव्यय बढ़ाकर 6520 करोड़ रुपये कर दिया है। इसमें से:
- 1000 करोड़ रुपये फूड टेस्टिंग लैब्स और फूड इरिडिएशन यूनिट्स जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए रखे गए हैं।
- 100 NABL मान्यता प्राप्त लैब्स और 50 मल्टी-प्रोडक्ट फूड रेडिएशन यूनिट्स की स्थापना की जाएगी।

बाकी 920 करोड़ रुपये PMKSY की अन्य योजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं।

फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट में डबल ग्रोथ
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, पिछले 11 वर्षों में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर दोगुना हो गया है। वहीं, भारत का खाद्य निर्यात 5 बिलियन डॉलर से बढ़कर 11 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है।

रेलवे को मिला बूस्ट: इटारसी-नागपुर चौथी लाइन को मंजूरी
रेल मंत्रालय को भी इस बैठक में बड़ी मंजूरी मिली है। इटारसी से नागपुर तक चौथी रेलवे लाइन को बनाने का निर्णय लिया गया है। तीसरी लाइन पर काम पहले से ही चल रहा है, और चौथी लाइन से इस रूट पर ट्रैफिक दबाव कम होगा।

574 KM के मल्टीट्रैकिंग रेलवे प्रोजेक्ट को मंजूरी
कैबिनेट ने 6 राज्यों के 13 जिलों में फैले चार मल्टीट्रैकिंग रेलवे प्रोजेक्ट्स को भी हरी झंडी दी है। इनमें महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड शामिल हैं। इससे रेलवे नेटवर्क में 574 किलोमीटर की वृद्धि होगी, जिससे यातायात में तेजी और सुरक्षा में सुधार होगा।