मुकेश अंबानी का नया दांव: AI और FMCG में धूम मचाने की तैयारी, Jio IPO भी लाइन में
मुकेश अंबानी अब तेल से आगे बढ़कर FMCG और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में बड़ा गेम खेल रहे हैं। RCPL अगले 5 साल में ₹1 लाख करोड़ का रेवेन्यू टारगेट कर रही है जबकि AI के लिए Meta और Google Cloud के साथ बड़ी पार्टनरशिप हो चुकी है। साथ ही, जियो का IPO भी लाइन में है। जानें कैसे रिलायंस आने वाले वर्षों में भारत की सबसे बड़ी AI और FMCG कंपनी बन सकती है और निवेशकों के लिए यह कितना बड़ा अवसर है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी अब पारंपरिक तेल और पेट्रोकेमिकल बिजनेस से आगे निकलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और FMCG सेक्टर में कदम बढ़ा रहे हैं। कंपनी अगले साल जियो इन्फोकॉम का IPO लाने की तैयारी में है और इसके साथ ही ये दोनों सेक्टर रिलायंस के लिए नए वैल्यू क्रिएशन इंजन साबित हो सकते हैं।
FMCG में Reliance की आक्रामक एंट्री
रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) का लक्ष्य अगले 5 साल में 1 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल करना है। अभी कंपनी सालाना करीब 11,500 करोड़ रुपये कमा रही है। ब्रांड कैम्पा कोला ने कई राज्यों में कोक और पेप्सी जैसी दिग्गज कंपनियों को चुनौती दी है और डबल-डिजिट मार्केट शेयर बना लिया है।
Independence Brand, जो डेली प्रोडक्ट्स बनाता है, पहले ही ₹1,000 करोड़ का रेवेन्यू पार कर चुका है और अब मिडिल ईस्ट, श्रीलंका, नेपाल और वेस्ट अफ्रीका तक पहुंच रहा है।
- आने वाले 12 महीनों में कंपनी 25 देशों में अपने प्रोडक्ट्स बेचने की योजना बना रही है।
- RCPL पहले ही 10 लाख+ छोटे दुकानों तक पहुंच चुकी है।
- अगले 3 साल में कंपनी $4.7 बिलियन (करीब 39,000 करोड़ रुपये) खर्च करके मेगा फूड पार्क्स बनाएगी।
गोल्डमैन सैक्स और एमके ग्लोबल का मानना है कि RCPL रिलायंस के लिए रिटेल जितना बड़ा प्रॉफिट सेंटर बन सकता है।
Reliance Intelligence: AI का सबसे बड़ा प्लान
AI के क्षेत्र में रिलायंस ने दो बड़े पार्टनरशिप किए हैं –
- Meta के साथ 70:30 JV, जिसमें शुरुआती निवेश $100 मिलियन (₹830 करोड़) होगा।
- Google Cloud के साथ जामनगर (गुजरात) में AI-केंद्रित क्लाउड जोन बनाया जाएगा।
यह AI प्रोजेक्ट तैयार करेगा –
- भारत का सबसे बड़ा AI टैलेंट पूल
- वर्ल्ड-क्लास AI इंफ्रास्ट्रक्चर
- जियो की हाई-स्पीड फाइबर कनेक्टिविटी और न्यू एनर्जी बिजनेस से पावर्ड डेटा सेंटर्स
पावर कैलकुलेशन:
1 गीगावाट डेटा सेंटर चलाने के लिए 6,78,000 B100 चिप्स चाहिए। अगर रिलायंस अभी 200 मेगावाट से शुरुआत करता है तो उसे 1,35,000 चिप्स की जरूरत होगी।
अगले 4-5 साल में कंपनी का लक्ष्य 1 गीगावाट क्षमता तक पहुंचना है।
क्या Reliance फिर से बड़ा सरप्राइज देगा?
मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि रिलायंस के पास भारत की सबसे आक्रामक AI कंपनी बनने का दम है। बोफा सिक्योरिटीज कहती है कि अगले 2-3 साल में ये AI रणनीति बड़े निवेशकों को खींच सकती है, जैसा जियो और रिटेल में पहले हुआ था।
CLSA ने शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,650 दिया है, जबकि बोफा ने ₹1,660 का। दोनों मानते हैं कि जियो की टैरिफ हाइक, रिटेल की ग्रोथ और जियो IPO आने वाले 12-15 महीनों में शेयर को नई ऊंचाई दे सकते हैं।
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