आस्था का महासंगम: प्रयागराज में माघ मेला 2026 का शुभारंभ, त्रिवेणी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

प्रयागराज में माघ मेला 2026 की शुरुआत पौष पूर्णिमा स्नान के साथ हुई। त्रिवेणी संगम पर लाखों श्रद्धालु, कड़ी सुरक्षा, AI कैमरे, ड्रोन निगरानी और व्यापक प्रशासनिक इंतजाम।

आस्था का महासंगम: प्रयागराज में माघ मेला 2026 का शुभारंभ, त्रिवेणी पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
Magh Mela 2026

संगम नगरी प्रयागराज में माघ मेला 2026 की विधिवत शुरुआत हो चुकी है। पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रथम स्नान के साथ आरंभ हुए इस ऐतिहासिक मेले में अल सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगानी शुरू कर दी। शहर के कोने-कोने से संगम की ओर बढ़ती श्रद्धालुओं की कतारें इस बात की गवाही दे रही थीं कि माघ मेला केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा का जीवंत स्वरूप है। मेला प्रशासन के अनुमान के मुताबिक पहले ही दिन 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है।

सतर्क प्रशासन, चौकस पुलिस
भारी भीड़ की आशंका को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने देर रात से ही मोर्चा संभाल लिया था। महाकुंभ के दौरान हुई घटनाओं से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा के व्यापक और आधुनिक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार ने बताया कि संगम क्षेत्र के हर कोने पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। नागरिक पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ, एसएसएफ और एटीएस की तैनाती की गई है, जबकि जल पुलिस संगम में स्नान के दौरान सुरक्षा संभाल रही है। आसमान से ड्रोन कैमरों द्वारा मेले की निगरानी की जा रही है और शुक्रवार शाम को पूरे क्षेत्र में पुलिस बल ने फ्लैग मार्च भी किया।

अखाड़ों से लेकर घाटों तक पुख्ता इंतजाम
मेला क्षेत्र में पांच हजार से अधिक धार्मिक संस्थाओं और साधु-संतों के ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगभग आठ किलोमीटर लंबे स्नान घाट तैयार किए गए हैं। महिलाओं के लिए घाटों पर पर्याप्त चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। महाकुंभ की तर्ज पर संगम नोज क्षेत्र में बिजली के खंभों पर विशेष नंबर अंकित किए गए हैं, ताकि किसी के बिछड़ने की स्थिति में ‘खोया-पाया केंद्र’ से आसानी से मदद मिल सके। माघ मेलाधिकारी ऋषि राज के अनुसार गंगा में स्नान के लिए निर्मल और अविरल जल की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

अधिकारियों ने खुद लिया जायजा
प्रशासनिक अधिकारी लगातार घाटों का निरीक्षण कर रहे हैं और श्रद्धालुओं से सीधे फीडबैक ले रहे हैं, ताकि किसी भी कमी को तुरंत दूर किया जा सके। एसपी माघ मेला नीरज पांडेय के अनुसार सुरक्षा के लिहाज से कुल 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। मेला क्षेत्र में 17 थाने और 42 पुलिस चौकियां बनाई गई हैं। इसके अलावा एटीएस, एसटीएफ, बीडीएस और खुफिया एजेंसियां लगातार निगरानी में जुटी हुई हैं।

हर अनहोनी से निपटने की तैयारी
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड कंपनी पीएसी और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है। पूरे मेला क्षेत्र में 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें से 200 एआई आधारित हैं, जो भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट में मदद करेंगे। ड्रोन कैमरों के जरिए भी 44 दिनों तक चलने वाले इस मेले पर लगातार नजर रखी जाएगी। अनुमान है कि माघ मेला 2026 में 12 से 15 करोड़ श्रद्धालु संगम पहुंचेंगे।

आस्था के साथ स्वच्छता का संदेश
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 16,650 शौचालय बनाए गए हैं और 3,300 से अधिक सफाई मित्र दिन-रात स्वच्छता व्यवस्था संभालेंगे। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना फैलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। कुल मिलाकर माघ मेला 2026 में आस्था, सुरक्षा, स्वच्छता और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है।