राहुल गांधी के सेना पर बयान पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: संसद में क्यों नहीं बोले?

भारतीय सेना पर टिप्पणी को लेकर दर्ज मानहानि मामले में राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ कोर्ट के समन पर रोक लगाते हुए यूपी सरकार से जवाब मांगा है।

राहुल गांधी के सेना पर बयान पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: संसद में क्यों नहीं बोले?
Rahul gandhi

भारतीय सेना पर की गई कथित टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट से भले ही अंतरिम राहत मिल गई हो, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने उनके बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। कोर्ट ने तल्ख लहजे में पूछा — अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो ऐसा बयान क्यों दिया? साथ ही यह भी सवाल उठाया कि आपने यह बात संसद में क्यों नहीं कही, सोशल मीडिया पर क्यों बोले?

सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी न केवल राहुल गांधी के बयान की गंभीरता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में राजनीतिक वक्तव्य देने से पहले सोच-समझकर बोलना कितना जरूरी है।

दिसंबर 2022 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना को लेकर एक टिप्पणी की थी, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। उन्होंने कहा था कि चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में भारतीय सैनिकों की पिटाई कर रहे हैं।

यह बयान राजस्थान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया गया था। राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया था कि मीडिया और सरकार चीन द्वारा 2000 वर्ग किलोमीटर भारतीय जमीन पर कब्जा करने और 20 भारतीय जवानों की शहादत जैसे गंभीर मामलों पर सवाल नहीं उठाते।

उनकी इसी टिप्पणी को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश के लखनऊ में मानहानि का मुकदमा दर्ज किया गया और निचली अदालत ने समन जारी किया। राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में समन रद्द करने की याचिका लगाई थी, जिसे मई 2025 में हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था।

अब सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत, लेकिन सवाल भी किए
इस फैसले के खिलाफ राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, जहां वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने उनका पक्ष रखा। सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ ट्रायल कोर्ट द्वारा जारी समन पर फिलहाल रोक लगा दी है और उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते में जवाब मांगा है।

सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी:
- आपने संसद में क्यों नहीं कहा? सोशल मीडिया पर क्यों?
- अगर आप सच्चे भारतीय हैं तो ऐसा बयान नहीं देना चाहिए।
- सीमा विवाद के समय ऐसी बातें क्या कहना सही है?
- 2000 वर्ग किमी कब्जे की जानकारी कैसे मिली?

राहुल गांधी का पक्ष: क्या विपक्ष के नेता को सवाल नहीं पूछना चाहिए?
वरिष्ठ वकील सिंघवी ने कोर्ट में कहा कि, “यदि विपक्ष के नेता को इस तरह के बयान देने से रोका जाएगा, तो लोकतंत्र की क्या स्थिति होगी?” उन्होंने यह भी तर्क दिया कि राहुल गांधी की मंशा किसी को बदनाम करने की नहीं थी, बल्कि चीन और सेना के मुद्दे पर सरकार की चुप्पी को उजागर करना था।