चुनाव आयोग पर शिवसेना (UBT) का हमला: 'सामना' में कोड़े मारने की चेतावनी, सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल
शिवसेना (UBT) के मुखपत्र 'सामना' ने अपने संपादकीय में चुनाव आयोग पर बीजेपी के इशारों पर काम करने का आरोप लगाया। सामना ने राहुल गांधी के वोट चोरी वाले दावों को सही बताया और चुनावी धांधली के उदाहरण पेश किए।
शिवसेना (UBT) के मुखपत्र 'सामना' ने अपने ताज़ा संपादकीय में चुनाव आयोग पर सीधा और तीखा हमला बोला है। सामना का आरोप है कि आयोग अब बीजेपी का "मुफ्त तमाशा" बन चुका है और मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त अमित शाह के इशारों पर काम कर रहे हैं।
राहुल गांधी के आरोपों को मिला समर्थन
संपादकीय में कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के दावों का हवाला दिया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि लोकसभा चुनाव में बड़े पैमाने पर वोट चोरी हुई, जिसके चलते नरेंद्र मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री बने। सामना के मुताबिक, अगर कोई नैतिक चुनाव आयुक्त होता तो इन आरोपों पर खुद इस्तीफा देकर जनता से माफी मांगता, लेकिन यहां उल्टा आयोग राहुल गांधी से हलफनामा मांग रहा है।
चुनावी धांधली के उदाहरण
सामना ने दावा किया कि 50-55 लोकसभा सीटों पर धांधली हुई। इनमें जयपुर ग्रामीण में कांग्रेस के चोपड़ा अंतिम राउंड तक आगे थे, लेकिन हार गए। मुंबई में शिवसेना के अमोल कीर्तिकर के साथ भी यही हुआ। कर्नाटक के महादेवपुरा में 6.5 लाख वोटों में से 1 लाख वोट चोरी हो गए, एक ही मतदाता ने 5-6 बार वोट डाला, और एक पते पर 40-40 मतदाता दर्ज मिले। महाराष्ट्र में फॉर्म-6 का दुरुपयोग कर 60-80 साल के 'नए मतदाता' जोड़े गए। बिहार के मुजफ्फरपुर में एक ही मकान नंबर पर 269 वोटर, जमुई में 247 वोटर पंजीकृत मिले।
डेटा नष्ट करने का आरोप
सामना का दावा है कि 25 सीटों पर, जहां बीजेपी 35 हजार से कम वोटों से जीती, वहां का इलेक्ट्रॉनिक डेटा नष्ट कर दिया गया। राहुल गांधी ने आयोग से पिछले 10 सालों की मतदाता सूची और मतदान की वीडियोग्राफी की मांग की है, वरना इसे अपराध मानने की चेतावनी दी है।
सुप्रीम कोर्ट पर भी निशाना
सामना ने सवाल उठाया कि क्या सुप्रीम कोर्ट भी मोदी-शाह के दबाव में है? संपादकीय में चेतावनी दी गई कि अगर जनता गुस्से में सड़कों पर उतरी, तो चुनाव आयोग को इंडिया गेट पर कोड़े मारे जाएंगे।
बीजेपी और आयोग पर गंभीर आरोप
संपादकीय में आरोप लगाया गया कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर लोकतंत्र का मटियामेट कर रहे हैं। मोदी और फडणवीस जैसे नेता धोखे से जीते हैं और यह लोकतांत्रिक अपराध है। सामना के मुताबिक, संवैधानिक संस्थाओं का विनाश हो रहा है और भोले-भाले लोगों को फंसाना इनका काम बन गया है।


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