ट्रंप का पाकिस्तान से तेल समझौता: भारत पर टैरिफ, चीन पर निशाना और 'America First' की रणनीति
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ तेल और गैस खजाने पर बड़ा समझौता कर भारत पर टैरिफ की घोषणा की है। यह कदम कैसे एशिया की राजनीति और अमेरिका-चीन-भारत संबंधों को प्रभावित करेगा, पढ़ें विस्तार से।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिका और पाकिस्तान मिलकर पाकिस्तान के विशाल तेल और गैस भंडार का दोहन करेंगे। यह वही भंडार हैं, जिन्हें 2024 में खोजा गया और जो विश्व के चौथे सबसे बड़े भंडार माने जा रहे हैं।
ट्रंप का कहना है, पाकिस्तान के पास $6-8 ट्रिलियन का खजाना है — तेल, गैस, तांबा, सोना और कोयला — और हम उसे अमेरिका के लिए बाहर निकालने जा रहे हैं। इस परियोजना का नेतृत्व एक अमेरिकी तेल कंपनी करेगी, जिसका नाम जल्द घोषित किया जाएगा।
पाकिस्तान को क्या फायदा?
पाकिस्तान अपनी 85% तेल और 29% गैस जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। उसके पास संसाधन तो हैं, लेकिन न तकनीक है, न पूंजी। अमेरिका की मदद से पाकिस्तान अब इन प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर सकेगा और उसे बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।
अमेरिका को मिलेगा:
- ऊर्जा भंडारों तक सीधी पहुंच।
- वैश्विक ऊर्जा बाजार में पकड़ मजबूत करने का अवसर।
- चीन को रणनीतिक रूप से चुनौती देने का एक औजार।
भारत पर टैरिफ क्यों? BRICS और ट्रेड डेफिसिट का कनेक्शन
1 अगस्त 2025 से ट्रंप ने भारत पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की। उन्होंने भारत पर यह आरोप लगाया कि वह अमेरिका के साथ $34 बिलियन का व्यापार घाटा बना रहा है और साथ ही BRICS जैसे 'अमेरिका विरोधी' समूह में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
इस टैरिफ का उद्देश्य है:
- भारत को एक नई, अमेरिका-हितैषी व्यापार डील के लिए मजबूर करना।
- BRICS की एकता में दरार डालना।
- पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारकर भारत पर रणनीतिक दबाव बनाना।
चीन का क्या होगा? CPEC और ग्वादर पोर्ट पर अमेरिका की नजर
चीन ने CPEC (चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा) में $65 बिलियन से ज्यादा निवेश किया है। ग्वादर पोर्ट पर रिफाइनरी, पाइपलाइन और मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित कर चीन ने पाकिस्तान को रणनीतिक भागीदार बना लिया है।
ट्रंप इस डील के जरिए:
- पाकिस्तान को चीन के पूर्ण प्रभाव से दूर करना चाहते हैं।
- CPEC जैसी परियोजनाओं में अमेरिकी दखल बढ़ाना चाहते हैं।
- ग्वादर और अन्य संसाधनों पर अमेरिका का प्रभाव जमाना चाहते हैं।
'America First' रणनीति के केंद्र में एशिया
डोनाल्ड ट्रंप की हर नीति की जड़ में है उनका पुराना नारा — “America First”। पाकिस्तान से तेल समझौता और भारत पर टैरिफ एक ही रणनीति के दो पहलू हैं:
- अमेरिका को ऊर्जा संपन्न बनाना
- व्यापार घाटा कम करना
- चीन की रणनीतिक पकड़ कमजोर करना
- भारत पर दबाव बना कर अमेरिकी शर्तों पर व्यापार करवाना


आँखें न्यूज़ 24 




