वाराणसी में कनेर का ज़हरीला फल बना मौत की वजह, 3 मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत
Varanasi के Mirzamurad थाना क्षेत्र में Kaner का ज़हरीला फल खाने से तीन मासूम बच्चियों की मौत, BHU Hospital में इलाज के दौरान तीसरी बच्ची ने तोड़ा दम, पुलिस जांच जारी।
वाराणसी के मिर्जामुराद थाना क्षेत्र अंतर्गत करधना गांव में बच्चों का खेल अचानक मातम में बदल गया। गांव में खेल रहे सात बच्चों के समूह में से तीन नाबालिग बच्चियों ने खेल के दौरान कनेर का फल खा लिया, जो अत्यंत विषैला माना जाता है। फल खाने के कुछ ही समय बाद तीनों बच्चियों की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें तेज पेट दर्द की शिकायत होने लगी, जिससे परिजन घबरा गए।
इलाज के दौरान दो बच्चियों की रास्ते में मौत
परिजनों ने पहले बच्चों को नजदीकी चिकित्सालय में दिखाया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद तीनों को दीनदयाल जिला चिकित्सालय ले जाया जा रहा था, तभी रास्ते में अंशिका (3 वर्ष) और हर्षिता (6 वर्ष) ने दम तोड़ दिया। दुखद पहलू यह रहा कि परिजनों ने पुलिस को सूचना दिए बिना ही दोनों बच्चियों का अंतिम संस्कार कर दिया।
तीसरी बच्ची ने BHU में तोड़ा दम
तीसरी बच्ची नैनसी (4 वर्ष) को गंभीर हालत में बीएचयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ डॉक्टरों द्वारा लगातार इलाज किया जा रहा था। बावजूद इसके, 5 जनवरी 2026 को सुबह लगभग 8 बजे इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। बीएचयू अस्पताल से भेजे गए मेमो के बाद ही इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस को मिल सकी।
पुलिस ने शुरू की विधिक कार्यवाही
घटना की सूचना मिलते ही थाना मिर्जामुराद को अवगत कराया गया, जिसके बाद लंका पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्रवाई प्रारंभ की गई। वहीं, अपर पुलिस उपायुक्त गोमती ज़ोन वैभव बांगर ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे मामले की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
शेष बच्चों की हालत सामान्य, कोई साजिश नहीं
बताया गया कि जिन सात बच्चों के साथ यह हादसा हुआ, उनमें से बाकी चार बच्चों ने कनेर का फल नहीं खाया था। एहतियातन सभी चारों का मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई। परिजनों की ओर से किसी भी प्रकार की अनहोनी या साजिश की शिकायत नहीं दी गई है और पुलिस जांच में भी किसी फाउल प्ले के संकेत नहीं मिले हैं।


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