अखिलेश यादव ने डिप्टी CM ब्रजेश पाठक पर साधा निशाना, लगाए गंभीर आरोप

ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था कि सपा का गठन मुस्लिम तुष्टिकरण की 'डीएनए' के साथ हुआ है और अखिलेश यादव की पूरी राजनीति इसी तुष्टिकरण पर आधारित है। पाठक के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने इसे पूरी तरह निराधार और भाजपा की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया।

अखिलेश यादव ने डिप्टी CM ब्रजेश पाठक पर साधा निशाना, लगाए गंभीर आरोप
Akhilesh Yadav and Brajesh Pathak

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को राज्य के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पर तीखा हमला बोला। अखिलेश ने पाठक पर अपने समुदाय का सही प्रतिनिधित्व न करने और चाटुकारिता में उलझे रहने का आरोप लगाया।

ब्रजेश पाठक के आरोप और अखिलेश की प्रतिक्रिया
ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा था कि सपा का गठन मुस्लिम तुष्टिकरण की 'डीएनए' के साथ हुआ है और अखिलेश यादव की पूरी राजनीति इसी तुष्टिकरण पर आधारित है। पाठक के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने इसे पूरी तरह निराधार और भाजपा की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताया।

अखिलेश ने कहा, भाजपा के नेताओं की रणनीति यह है कि वे जनता को असली मुद्दों से भटकाने के लिए इस तरह की बातें करते हैं। उपमुख्यमंत्री होने के बावजूद ब्रजेश पाठक अपने समुदाय के हितों को सुरक्षित रखने में विफल रहे हैं और केवल भाजपा नेतृत्व की चाटुकारिता कर रहे हैं।

सपा अध्यक्ष ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला तेज करते हुए कहा कि भाजपा की सरकार जनता के असल मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय समाज को धार्मिक और जातिगत आधार पर बांटने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार चरम पर है, लेकिन सरकार इन मुद्दों पर जवाबदेही से बचने के लिए तुष्टिकरण जैसे आरोप लगाकर ध्यान भटकाना चाहती है।

उन्होंने यह भी कहा, भाजपा सरकार में किसानों, युवाओं और मजदूरों की हालत खराब है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। लेकिन उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक जैसे लोग इन असल मुद्दों पर बात करने के बजाय सपा पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं।"

समुदाय के प्रतिनिधित्व पर अखिलेश का सवाल
अखिलेश यादव ने ब्रजेश पाठक को उनके समुदाय का सही तरीके से प्रतिनिधित्व न कर पाने के लिए आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री होने के बावजूद पाठक ने अपने समुदाय के विकास के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। "अगर वह अपनी भूमिका निभा रहे होते, तो उनके समुदाय को भाजपा सरकार से कोई राहत या सुधार देखने को मिलता," अखिलेश ने कहा।

भाजपा और सपा की राजनीति के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर
सपा और भाजपा के बीच इस तरह का आरोप-प्रत्यारोप कोई नई बात नहीं है। भाजपा नेताओं का सपा पर मुस्लिम तुष्टिकरण का आरोप लगाना और सपा का भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति का आरोप लगाना राज्य की राजनीति में आम बात हो गई है।

भविष्य की रणनीति
अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार के खिलाफ जनता को जागरूक करने की अपनी पार्टी की योजना पर जोर देते हुए कहा कि सपा आने वाले समय में भाजपा की विभाजनकारी राजनीति का मुकाबला करेगी और जनता के असल मुद्दों को उठाएगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनकी पार्टी 2024 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को कड़ी चुनौती देने की तैयारी में है।

यह बयानबाजी उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद पैदा कर सकती है। दोनों दलों के बीच बयानबाजी और राजनीतिक खींचतान चुनावी समीकरणों को कितना प्रभावित करेगी, यह आने वाले समय में साफ होगा।