मनोज पांडेय समेत तीन बागियों को सपा ने निकाला, क्या थामेंगे बीजेपी का दामन?

समाजवादी पार्टी ने रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय समेत तीन विधायकों को निष्कासित किया। जानें इनका अगला कदम और यूपी की राजनीति में इसके प्रभाव।

मनोज पांडेय समेत तीन बागियों को सपा ने निकाला, क्या थामेंगे बीजेपी का दामन?
मनोज पांडेय

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल मचाते हुए तीन विधायकों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इनमें रायबरेली स्थित ऊंचाहार विधानसभा (Unchahar Assembly Constituency) से विधायक मनोज पांडेय (Manoj Pandey) का नाम सबसे प्रमुख है। पार्टी के इस कदम के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि मनोज पांडेय विधायक पद से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, मनोज पांडेय बीजेपी में शामिल होकर उपचुनाव लड़ने पर विचार कर रहे हैं। अगर वह उपचुनाव जीतकर आते हैं, तो उन्हें योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि, सपा के टिकट पर जीतकर आने के कारण उनके इस्तीफे की संभावना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।

सपा के अन्य बागी विधायक: क्या होगी उनकी रणनीति?
मनोज पांडेय के अलावा गौरीगंज के विधायक राकेश प्रताप सिंह और गोसाईंगंज के विधायक अभय सिंह को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। इन दोनों नेताओं ने अपने भविष्य के फैसले के लिए समर्थकों से चर्चा करने की बात कही है।

मऊ सदर सीट पर उपचुनाव की संभावना
मऊ सदर से सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी को हेट स्पीच मामले में अदालत ने दो साल की सजा सुनाई है। विधानसभा सचिवालय ने उनकी सीट को रिक्त घोषित कर दिया है। हालांकि, मामला हाईकोर्ट में लंबित है और इसका फैसला उपचुनाव की दिशा तय करेगा।

मनोज पांडेय का बयान
अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज पांडेय ने कहा, मैंने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान ही बीजेपी जॉइन कर ली थी। सपा द्वारा अब निष्कासित करना हास्यास्पद है। उन्होंने यह भी कहा कि उनका जनता से सीधा संपर्क है और वे अपने समर्थकों से विचार-विमर्श करेंगे।

यूपी की राजनीति में बढ़ती हलचल
यह देखना दिलचस्प होगा कि अगर मनोज पांडेय इस्तीफा देकर बीजेपी के टिकट पर उपचुनाव लड़ते हैं, तो सपा और बीजेपी की रणनीति क्या होगी।