गैंगस्टर एक्ट केस में अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, नियमित जमानत मंजूर

गैंगस्टर एक्ट मामले में यूपी विधायक अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से नियमित जमानत मिली। कोर्ट ने यूपी से बाहर जाने की शर्तों के साथ दी राहत, जानिए पूरा मामला।

गैंगस्टर एक्ट केस में अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, नियमित जमानत मंजूर
Abbas ansari

मुख्तार अंसारी के बेटे और उत्तर प्रदेश विधानसभा सदस्य अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामले में उन्हें नियमित जमानत दे दी है, जिससे उनकी कानूनी स्थिति और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चल रही अनिश्चितता काफी हद तक कम हो गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए कुछ अहम शर्तें भी तय की हैं। आदेश के मुताबिक अब्बास अंसारी उत्तर प्रदेश से बाहर यात्रा कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें पहले ट्रायल कोर्ट को सूचित करना होगा। उन्हें अपना संपर्क नंबर, यात्रा का उद्देश्य और जिस स्थान पर जा रहे हैं उसकी पूरी जानकारी अदालत को देनी होगी।

चित्रकूट केस बना गैंगस्टर एक्ट की आधारशिला
यह मामला चित्रकूट जिले से जुड़ा है, जहां 31 अगस्त 2024 को कर्वी कोतवाली में जबरन वसूली और मारपीट के आरोपों में अब्बास अंसारी समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसी प्राथमिकी के आधार पर उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1986 यानी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।

मार्च 2025 की राहत के बाद खुला था रिहाई का रास्ता
इससे पहले मार्च 2025 में भी सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत ने उनकी कासगंज जेल से रिहाई का रास्ता खोल दिया था। उस दौरान उन्हें सभी आपराधिक मामलों में सशर्त जमानत दी गई थी, जिसमें यह शर्त भी शामिल थी कि वे जांच अधिकारी की अनुमति के बिना लखनऊ से बाहर नहीं जा सकेंगे।

हाईकोर्ट से मिली राहत, बहाल हुई विधानसभा सदस्यता
बीते कुछ महीनों में अब्बास अंसारी को लगातार अदालतों से राहत मिलती रही है। इससे पहले उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट ने उनकी विधानसभा सदस्यता को भी बहाल कर दिया था। हेट स्पीच मामले में तीन साल की सजा के चलते उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी, लेकिन हाईकोर्ट में अपील के बाद उनकी सजा को रद्द कर दिया गया और वे दोबारा विधायक के तौर पर बहाल हो गए।