पाकिस्तान में तख्तापलट के आसार? फील्ड मार्शल असीम मुनीर का दूसरा अमेरिकी दौरा, शहबाज शरीफ की बढ़ी टेंशन
पाकिस्तान आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर एक बार फिर अमेरिका की यात्रा पर जा रहे हैं। इस बार वह अमेरिकी सेंट्रल कमांड के नए प्रमुख ब्रैड कूपर से रिश्ते मजबूत करने पर फोकस करेंगे। उनकी यह यात्रा पाकिस्तान की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रही है।
पाकिस्तान आर्मी के चीफ और फील्ड मार्शल असीम मुनीर एक बार फिर अमेरिका के दौरे पर निकलने वाले हैं। यह उनका पिछले दो महीनों में दूसरा अमेरिकी दौरा होगा। जून 2025 में भी मुनीर ने पांच दिनों की दुर्लभ यात्रा की थी, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन्हें ‘हलाल लंच’ पर आमंत्रित किया था। उस मुलाकात के बाद यह साफ हो गया था कि पाकिस्तान में किसी भी बड़े फैसले या सहयोग के लिए अमेरिकी प्रशासन सीधे सेना से डील करना पसंद करता है।
ट्रंप के साथ ‘हलाल लंच’ और तेल समझौते का ऐलान
जून की यात्रा के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका-पाकिस्तान के बीच सहयोग बढ़ाने की घोषणा की थी, जिसमें रक्षा, खुफिया साझेदारी और एक बड़े तेल समझौते का ऐलान शामिल था। इस मीटिंग ने पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में यह संदेश भी दे दिया कि अमेरिकी समर्थन मुनीर के साथ खड़ा है।
राष्ट्रपति बनने की अटकलें और शहबाज शरीफ की चिंता
हाल ही में पाकिस्तान में अटकलें तेज हो गईं कि असीम मुनीर राष्ट्रपति पद संभालने की योजना बना रहे हैं। यह चर्चा इतनी बढ़ गई कि पाकिस्तानी सेना को आधिकारिक बयान जारी कर सफाई देनी पड़ी कि ऐसा कोई इरादा नहीं है। हालांकि, खुद को प्रमोट कर फील्ड मार्शल का दर्जा लेने वाले मुनीर के बारे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि वह भविष्य में सत्ता परिवर्तन (तख्तापलट) भी कर सकते हैं, खासकर जब उनके पास अमेरिकी समर्थन मौजूद है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए यह चिंता का कारण है।
इस बार का अमेरिकी दौरा क्यों खास है?
मुनीर इस बार अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख जनरल माइकल एरिक कुरिल्ला की रिटायरमेंट सेरेमनी में शामिल होंगे। पाकिस्तान ने हाल ही में जनरल कुरिल्ला को ‘निशान-ए-इम्तियाज (मिलिट्री)’ सम्मान से नवाजा था। कुरिल्ला ने अमेरिकी कांग्रेस में पाकिस्तान को आतंकवाद-रोधी प्रयासों में “बेहतरीन साझेदार” बताया था।
अब उनकी जगह डिप्टी एडमिरल ब्रैड कूपर नए सेंटकॉम चीफ होंगे, जिन्हें ट्रंप प्रशासन ने नामित किया था और सीनेट से मंजूरी भी मिल चुकी है। कूपर ने यमन में 100 से ज्यादा हमलों का नेतृत्व किया है। असीम मुनीर की कोशिश होगी कि उनके साथ शुरुआती स्तर पर ही मजबूत संबंध बना लिए जाएं।
सेंटकॉम का दायरा और पाकिस्तान की अहमियत
अमेरिकी सेंट्रल कमांड मिडिल ईस्ट, मध्य एशिया और उत्तरी अफ्रीका के 21 देशों में सैन्य अभियानों और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है। इसमें ईरान, इराक, अफगानिस्तान, सीरिया, यमन, मिस्र और खाड़ी देशों जैसे रणनीतिक और अस्थिर देश शामिल हैं। हूती विद्रोहियों से लेकर इजरायल के दुश्मनों तक के खिलाफ कार्रवाई का नेतृत्व यही कमांड करता है।
पाकिस्तान, अपनी भौगोलिक स्थिति और अफगान सीमा की वजह से, सेंटकॉम के लिए एक अहम सहयोगी है। अमेरिका के लिए यह जरूरी है कि इस क्षेत्र में एक ऐसा देश हो जो उसकी रणनीतियों के अनुरूप कदम उठाए। मुनीर की यह यात्रा इसी रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में मानी जा रही है।


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