बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर: चुनाव से पहले जेडीयू को झटका, आरजेडी को मजबूती!

बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर! जेडीयू को झटका, आरजेडी को मजबूती। जानें तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन की उपलब्धियां और कांग्रेस-आरजेडी की मुलाकात के पीछे की कहानी।

बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर: चुनाव से पहले जेडीयू को झटका, आरजेडी को मजबूती!
Lalu yadav and Nitish Kumar

बिहार की राजनीति में सोमवार, 16 जून 2025 का दिन काफी अहम साबित हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू को विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा झटका लगा है। जेडीयू के प्रदेश सचिव एवं मुस्लिम तेली संगठन के अध्यक्ष मोहम्मद हारून और मोहम्मद मुख्तार ने अपने समर्थकों के साथ आरजेडी की सदस्यता ग्रहण कर ली।

यह आयोजन आरजेडी के प्रदेश कार्यालय स्थित कर्पूरी सभागार में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश प्रधान महासचिव रणविजय साहू ने की। उन्होंने नव-शामिल नेताओं को सदस्यता प्रमाणपत्र, पार्टी का प्रतीक गमछा और 'गोपालगंज टू रायसीना' पुस्तक देकर सम्मानित किया।

रणविजय साहू ने इस अवसर पर कहा, देश के संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश के खिलाफ हमें मिलकर लड़ना होगा। लालू यादव के विचार और तेजस्वी यादव की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का वक्त है।

तेजस्वी यादव का विकास रोडमैप
रणविजय साहू ने तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन सरकार के 17 महीनों की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा, जनता का तेजस्वी यादव पर विश्वास और समर्थन बढ़ा है, जिसे और मजबूत करना होगा।

कांग्रेस-आरजेडी मुलाकात:
इसी दिन कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, प्रभारी कृष्णा अल्लावारु, और विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। हालांकि इसे शिष्टाचार भेंट कहा जा रहा है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे संभावित नए समीकरणों के रूप में देखा जा रहा है।