बिहार माफियाओं के हवाले, राष्ट्रपति शासन जरूरी: पप्पू यादव ने राज्यपाल से की शिकायत
बिहार में अपराध बेलगाम, सरकार बेबस। पप्पू यादव ने राज्यपाल से मिलकर राष्ट्रपति शासन लगाने और पत्रकारों-माफियाओं पर कार्रवाई की मांग की।
बिहार में लगातार बढ़ते अपराध और बिगड़ती law and order situation पर आज निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने महामहिम राज्यपाल से मुलाकात की। राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए उन्होंने immediate President’s Rule in Bihar लगाने की मांग की।
राजभवन से बाहर आते ही मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, बिहार में अब सरकार नाम की कोई चीज़ नहीं बची है। नीतीश कुमार सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री रह गए हैं। असली सत्ता भाजपा और माफियाओं के हाथ में है। पुलिस भी जाति देखकर कार्रवाई कर रही है।
'पारस हॉस्पिटल मर्डर ने अंतिम कील ठोंक दी'
पारस हॉस्पिटल (पटना) में हुई दिनदहाड़े हत्या पर पप्पू यादव ने कहा, 300 पुलिसकर्मी और सख्त सुरक्षा के बावजूद अपराधी खुलेआम पिस्तौल लहराकर हत्या कर रहे हैं। पारस हॉस्पिटल की घटना ने बिहार की कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी। अब मुख्यमंत्री सिर्फ कुर्सी पर बैठे हैं, प्रशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है। इस हालात में राष्ट्रपति शासन के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
'दलित बच्ची के साथ हैवानियत, रमाकांत मुखिया को धमकी'
हाजीपुर में दलित बच्ची के साथ गैंगरेप और हत्या, और जनप्रतिनिधि रमाकांत मुखिया को जान से मारने की धमकियों पर भी उन्होंने चिंता जताई। पप्पू यादव ने इन मामलों की निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवारों को सुरक्षा देने की मांग की।
बालू माफियाओं और पत्रकारों पर सवाल
उन्होंने कहा कि बालू माफियाओं के खिलाफ प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। यही लोग हत्याएं करवा रहे हैं। साथ ही, वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम पर चुनाव आयोग की गड़बड़ी उजागर करने के कारण दर्ज FIR को लोकतंत्र पर हमला बताया।
पप्पू यादव ने कहा, जो पत्रकार सच सामने ला रहा हो, उसके खिलाफ केस दर्ज करना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा हमला है। DM के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और FIR वापस ली जाए।


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