CM नीतीश का बड़ा ऐलान: शिक्षा कर्मियों को अब मिलेगा दोगुना वेतन, जानें किसे कितना फायदा

बिहार सरकार ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मियों के मानदेय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है। रसोइयों, वॉचमैन और PT टीचर्स का वेतन दोगुना कर दिया गया है। जानिए सीएम नीतीश कुमार के इस बड़े फैसले की पूरी जानकारी।

CM नीतीश का बड़ा ऐलान: शिक्षा कर्मियों को अब मिलेगा दोगुना वेतन, जानें किसे कितना फायदा
Bihar CM Nitish Kumar

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उनकी सरकार शिक्षा और उससे जुड़े कर्मियों की स्थिति सुधारने के लिए गंभीर है। बिहार के शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत तीन महत्वपूर्ण वर्गों—मध्याह्न भोजन योजना के रसोइया, रात्रि प्रहरी (Watchmen) और शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक (PT Teachers)—के मानदेय को दोगुना कर दिया गया है।

मिड डे मील कुक: मेहनत का मिला सम्मान
बिहार के हजारों सरकारी विद्यालयों में मिड डे मील योजना के अंतर्गत कार्यरत रसोइयों को अब ₹1,650 की जगह ₹3,300 प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। वर्षों से इन कर्मियों द्वारा मानदेय बढ़ोतरी की मांग की जा रही थी, जिसे सरकार ने आखिरकार मान लिया।

रात्रि प्रहरी: स्कूल की सुरक्षा में लगे प्रहरी की आय हुई दोगुनी
माध्यमिक और उच्च विद्यालयों में कार्यरत वॉचमैन, जो स्कूल परिसर की सुरक्षा में रातभर तैनात रहते हैं, उनका मानदेय अब ₹5,000 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दिया गया है। यह निर्णय उनके समर्पण और जिम्मेदारी को सम्मान देने के रूप में देखा जा रहा है।

PT Teachers को मिला आर्थिक प्रोत्साहन
शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों (PT Teachers) के लिए यह फैसला सबसे अधिक राहत भरा है। अब उनका मासिक मानदेय ₹8,000 से बढ़ाकर ₹16,000 कर दिया गया है। इसके अलावा, उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि भी ₹200 से बढ़ाकर ₹400 कर दी गई है।

'शिक्षा में सुधार के लिए हमारी प्रतिबद्धता'
सीएम नीतीश कुमार ने अपने आधिकारिक X (पूर्व में Twitter) अकाउंट के माध्यम से यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, वर्ष 2005 में जब हमारी सरकार बनी, तब शिक्षा का बजट ₹4,366 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹77,690 करोड़ हो गया है। यह हमारी प्राथमिकता को दर्शाता है।

शिक्षा बजट में भारी वृद्धि, संरचनात्मक सुधार जारी
2005 से अब तक शिक्षा व्यवस्था में भारी सुधार हुए हैं—नए स्कूल भवनों का निर्माण, शिक्षकों की नियुक्ति, डिजिटल सुविधाओं का विस्तार और संपर्क मार्गों का विकास। इन सबका असर अब ज़मीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है।

सरकार के फैसले से कर्मियों में उत्साह, शिक्षा व्यवस्था होगी और मजबूत
इस फैसले से न सिर्फ इन कर्मियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि विद्यालयों के सुचारु संचालन और छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता में भी सुधार होगा। राज्य सरकार का यह कदम शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा प्रोत्साहन साबित हो रहा है।