नीतीश कैबिनेट के बड़े फैसले: शिक्षकों की बहाली से लेकर न्यायालय तक, जानिए क्या हुआ पास

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 36 फैसले लिए गए। मुंगेर विश्वविद्यालय में 167 पदों का सृजन, न्यायालयों में मद्य निषेध मामलों के लिए 18 नए पद और शहरी पेट्रोल पंप के लिए जमीन नियमों में बदलाव शामिल हैं।

नीतीश कैबिनेट के बड़े फैसले: शिक्षकों की बहाली से लेकर न्यायालय तक, जानिए क्या हुआ पास

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई, जिसमें राज्य के भविष्य को दिशा देने वाले 36 महत्वपूर्ण एजेंडों को मंजूरी दी गई। इस फैसले से शिक्षा, न्यायिक प्रक्रिया और शहरी आधारभूत संरचना को नई गति मिलेगी।

मुंगेर विश्वविद्यालय में खुलेंगे 20 नए पीजी डिपार्टमेंट, 167 पदों का सृजन
शिक्षा व्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में मुंगेर विश्वविद्यालय (Munger University) में 20 स्नातकोत्तर विभागों की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इसके लिए शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों के 167 नए पदों का सृजन किया गया है। इससे विश्वविद्यालय में पठन-पाठन की गुणवत्ता बढ़ेगी और छात्रों को स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।

मद्य निषेध मामलों के त्वरित निपटारे को लेकर न्यायालयों में 18 पद स्वीकृत
राज्य में मद्य निषेध एवं उत्पाद कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए सहरसा न्यायमंडल और हिलसा (नालंदा न्यायमंडल) में एक-एक अतिरिक्त जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट के लिए कुल 18 अराजपत्रित पदों को स्वीकृति मिली है।

इन पदों पर बहाली से न्याय प्रक्रिया तेज होगी और मद्य निषेध से जुड़े मामलों का त्वरित निष्पादन संभव हो सकेगा। इस पर सरकार को हर साल लगभग 1.01 करोड़ रुपए का खर्च उठाना पड़ेगा।

शहरी क्षेत्रों में अब छोटे भूखंड पर बनेगा पेट्रोल पंप और CNG स्टेशन
शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए बिहार कैबिनेट ने नगरपालिका क्षेत्रों में पेट्रोल पंप और CNG स्टेशन निर्माण के लिए भूमि मानदंडों में बदलाव किया है। पहले जहां 30 मीटर x 20 मीटर का भूखंड आवश्यक था, अब इसे घटाकर 20 मीटर x 20 मीटर कर दिया गया है।

इससे शहरी क्षेत्रों में पेट्रोल पंप खोलने में आ रही जमीन की समस्या दूर होगी और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश के अवसर बढ़ेंगे।