बिहार में ‘UP Model’ की आहट! गृह मंत्री बनते ही सम्राट चौधरी का एक्शन मोड, बेगूसराय में बढ़ी पुलिस की सख्ती

बिहार में गृह मंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी एक्शन मोड में। बेगूसराय में मुठभेड़, अपराधियों पर सख्ती। क्या बिहार में भी यूपी मॉडल शुरू हो चुका है।

बिहार में ‘UP Model’ की आहट! गृह मंत्री बनते ही सम्राट चौधरी का एक्शन मोड, बेगूसराय में बढ़ी पुलिस की सख्ती
Samrat Chaudhary

बिहार की राजनीति और कानून-व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी के कोटे से गृह विभाग की जिम्मेदारी मिलने के बाद उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पूरी तरह एक्शन में नजर आ रहे हैं। इनके कार्यभार संभालते ही पुलिस की कार्यशैली में भी तेजी से बदलाव दिखना शुरू हो गया है। खासकर बेगूसराय में पिछले दो दिनों के भीतर दो अपराधियों को मुठभेड़ के बाद पकड़ा जाना इस बदलाव की सबसे बड़ी मिसाल है। इससे यह सवाल और तेज हो गया है कि — क्या बिहार में भी ‘यूपी मॉडल’ लागू होने जा रहा है?

सम्राट चौधरी का साफ संदेश — अपराधियों के लिए बिहार अब ‘सेफ ज़ोन’ नहीं
मीडिया से बातचीत में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने बिल्कुल स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिहार में सुशासन की व्यवस्था पहले से चल रही है और अब इसे और मजबूत किया जाएगा। एनकाउंटर पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा — बिहार में अब अपराधियों के लिए खैर नहीं है। वे या तो राज्य छोड़कर चले जाएं या फिर पुलिस अपने तरीके से उनसे निपटेगी।

उनके इस बयान ने सियासी गलियारों से लेकर पुलिस सिस्टम तक नई हलचल पैदा कर दी है।

नीतीश कुमार + बीजेपी नेतृत्व = नया ‘कड़ा सुशासन मॉडल’?
सम्राट चौधरी ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में कार्य करने का अवसर मिल रहा है। उनका दावा है कि सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में सुशासन पहले से मजबूत हुआ है और अब यह और प्रभावी रूप में लागू किया जाएगा।

बीजेपी के अंदर की चर्चाओं में भी यही बात उभरकर आ रही है कि पार्टी बिहार में यूपी जैसा कड़ाई वाला policing मॉडल लागू करना चाहती है। यही कारण माना जा रहा है कि लगभग 20 साल बाद नीतीश कुमार ने गृह विभाग बीजेपी को सौंपा है।

बेगूसराय में लगातार मुठभेड़ — बदलाव के संकेत
नई सरकार बनने के बाद से बेगूसराय पुलिस बार-बार मुठभेड़ की स्थिति में अपराधियों को पकड़ने में सफल रही है। शनिवार तड़के एसटीएफ और बेगूसराय पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई कर एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद पकड़ा। इससे पहले 50 हजार के इनामी अपराधी को भी पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया था।

दोनों मामलों में अपराधियों को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन ताबड़तोड़ एक्शनों को देख लोग साफ कहने लगे हैं कि बिहार पुलिस अब उसी सख्त मोड में आ रही है जैसा यूपी में देखा गया।

20 साल बाद गृह विभाग बीजेपी के पास — बड़े बदलाव की शुरुआत
बिहार में सत्ता बदली तो सबसे बड़ा फैसला यही रहा कि गृह विभाग पहली बार इतने लंबे अंतराल के बाद बीजेपी को दिया गया। इस बदलाव को राज्य की कानून-व्यवस्था में आने वाले कड़े बदलाव का शुरुआती संकेत माना जा रहा है।