वाराणसी में देव दीपावली 2025: 15 लाख दीपों से जगमगाई काशी, गंगा किनारे भक्ति और आस्था का संगम

वाराणसी में 5 नवंबर 2025 को भव्य देव दीपावली का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने गंगा किनारे दीप जलाकर आस्था के इस उत्सव की शुरुआत की। करीब 15 लाख दीपों से जगमग हुए 88 घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। लेजर शो, गंगा आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने काशी को स्वर्गिक रोशनी से भर दिया। जानें कैसे भक्ति, पर्यटन और कला का संगम बना यह पावन पर्व।

वाराणसी में देव दीपावली 2025: 15 लाख दीपों से जगमगाई काशी, गंगा किनारे भक्ति और आस्था का संगम
गंगा तट पर लाखों दीयों की रोशनी में नहाई वाराणसी

वाराणसी में बुधवार (5 नवंबर) की शाम सचमुच दिव्यता और भक्ति से भर उठी। गंगा के पवित्र घाटों पर इस बार भी देव दीपावली का भव्य आयोजन हुआ — ऐसा नज़ारा जिसने आसमान तक को सुनहरी आभा से रंग दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने दीप जलाकर इस अद्भुत महोत्सव की शुरुआत की।

गंगा तट पर 15 लाख दीयों की अद्भुत छटा
नमो घाट से लेकर अस्सी घाट तक करीब 88 घाटों पर दीपों की पंक्तियाँ जल उठीं। 15 लाख से अधिक मिट्टी के दीयों ने जब एक साथ अपनी लौ जलाई, तो पूरा गंगा तट मानो देवभूमि में बदल गया। श्रद्धालु, पर्यटक, वॉलंटियर और स्थानीय लोग सभी इस आस्था के महासागर में डूबे नजर आए।

'देव दीपावली: एकता, संस्कृति और नवाचार का प्रतीक'
कार्यक्रम में उपस्थित पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि “काशी आज पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी के नेतृत्व में आस्था, संस्कृति और नवाचार का वैश्विक केंद्र बन चुकी है। देव दीपावली केवल पर्व नहीं, बल्कि यह भारत की एकता और साझा परंपरा का प्रतीक है।”

गंगा आरती और लेजर शो से दमक उठी काशी
इस वर्ष दशाश्वमेध, नमो घाट, अस्सी, पंचगंगा और तुलसी घाट सहित 8 प्रमुख घाटों पर भव्य गंगा आरती हुई। हर घाट पर मंत्रोच्चार, ढोल, शंख और घंटियों की गूंज ने वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया।

इसके साथ ही शहर के 97 स्थलों को रोशनी से सजाया गया। लेजर शो और रंगीन लाइटों ने काशी को मानो एक स्वर्गीय नगरी में बदल दिया।

हर उम्र के लोगों ने मिलकर रचा अद्भुत दृश्य
इस आयोजन में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों ने हिस्सा लिया। घाटों पर महिलाओं के समूहों ने पारंपरिक परिधानों में दीप सजाए और भक्ति गीत गाए। विदेशी पर्यटक भी इस महोत्सव की झिलमिलाहट में मंत्रमुग्ध नजर आए।

भक्ति, पर्यटन और कला का संगम
देव दीपावली के अवसर पर शहर में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला चली। शास्त्रीय संगीत, लोकनृत्य और कलाकारों की प्रस्तुति ने माहौल को और भी रसमय बना दिया।

काशी की सड़कों, मंदिरों और घाटों पर रौनक देखकर यह कहना गलत न होगा कि – यह सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि काशी की आत्मा का उत्सव है।

कार्यक्रम में शामिल रहे प्रमुख अतिथि
इस अवसर पर राज्यमंत्री रविन्द्र जयसवाल, पर्यटन सचिव अमरित अभीजीत, मुख्य सचिव ईशा प्रिया, मेयर अशोक शुक्ला सहित पर्यटन विभाग के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।