8 दिन से PGI में रखी है IPS पूरन कुमार की बॉडी, राहुल गांधी पहुंचे चंडीगढ़; परिजनों से मिलकर जताया दुख

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने चंडीगढ़ पहुंचकर IPS पूरन कुमार को श्रद्धांजलि दी और उनके परिजनों से मुलाकात की। पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को आत्महत्या की थी, लेकिन आठ दिन बाद भी उनका अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। परिवार DGP शत्रुजीत कपूर की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।

8 दिन से PGI में रखी है IPS पूरन कुमार की बॉडी, राहुल गांधी पहुंचे चंडीगढ़; परिजनों से मिलकर जताया दुख
चंडीगढ़ में IPS पूरन कुमार के परिजनों से मुलाकात करते हुए राहुल गांधी।

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मंगलवार को चंडीगढ़ पहुंचे, जहां उन्होंने हरियाणा के सीनियर IPS अफसर वाई. पूरन कुमार को श्रद्धांजलि दी। राहुल गांधी ने मृतक अफसर के परिजनों से मुलाकात की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर 2025 को आत्महत्या कर ली थी, लेकिन 8 दिन बीत जाने के बाद भी उनका अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। उनका पार्थिव शरीर अब भी चंडीगढ़ PGI हॉस्पिटल में रखा हुआ है।

परिवार की मांग — DGP की गिरफ्तारी
पूरन कुमार के परिवार ने हरियाणा DGP शत्रुजीत कपूर की गिरफ्तारी की मांग उठाई है। परिवार का आरोप है कि IPS अधिकारी पर मानसिक दबाव डालने में DGP की भूमिका रही।

इसी दबाव के चलते हरियाणा सरकार ने शत्रुजीत कपूर को लंबी छुट्टी पर भेज दिया और उनके स्थान पर सीनियर IPS अफसर ओम प्रकाश सिंह (ओपी सिंह) को राज्य का कार्यवाहक DGP नियुक्त किया गया है।

मामले ने राजनीतिक रंग तब लिया जब राहुल गांधी ने पीड़ित परिवार से मिलकर सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए।

IAS पत्नी को मिला पुलिस नोटिस
इसी बीच, चंडीगढ़ पुलिस ने मृतक अफसर की IAS पत्नी अमनीत पूरन कुमार को नोटिस भेजा है। पुलिस ने उनसे IPS पूरन कुमार का लैपटॉप मांगा है, जिसे इस केस में अहम सबूत माना जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक, उस लैपटॉप में पूरन कुमार का सुसाइड नोट सेव है, जिसे CFSL लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि यह तय हो सके कि नोट वास्तव में उन्होंने ही लिखा था या नहीं।

CFSL जांच से खुलेगा सच?
जांच एजेंसियां अब यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि पूरन कुमार ने आत्महत्या से पहले किन-किन लोगों को मेल किया था और किस समय सुसाइड नोट भेजा गया।

पुलिस का मानना है कि लैपटॉप की फॉरेंसिक रिपोर्ट से यह साफ हो जाएगा कि IPS पूरन कुमार ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया और क्या वाकई उन पर किसी प्रकार का प्रशासनिक या मानसिक दबाव था।

राजनीतिक तूफान की आहट
राहुल गांधी की मुलाकात के बाद यह मामला अब केवल एक आत्महत्या नहीं बल्कि राजनीतिक मुद्दा बन गया है। कांग्रेस इस घटना को "प्रशासनिक दमन" का प्रतीक बता रही है, जबकि राज्य सरकार इसे ‘कानूनी प्रक्रिया’ का हिस्सा कह रही है।

इस बीच, सोशल मीडिया पर भी #JusticeForPooranKumar ट्रेंड कर रहा है और नेटिज़न्स हरियाणा पुलिस और सरकार से जवाब मांग रहे हैं।