राज्यसभा में गूंजा 'ऑपरेशन सिंदूर' और 'चाचा चौधरी'! किसने ट्रंप को बताया गया सदी का सबसे बड़ा झूठा?

राज्यसभा में RJD सांसद मनोज झा ने ऑपरेशन सिंदूर पर डोनाल्ड ट्रंप के झूठे दावों की कड़ी आलोचना की। ट्रंप को सदी का सबसे बड़ा झूठा करार देते हुए संसद में निंदा प्रस्ताव की मांग की।

राज्यसभा में गूंजा 'ऑपरेशन सिंदूर' और 'चाचा चौधरी'! किसने ट्रंप को बताया गया सदी का सबसे बड़ा झूठा?
प्रतीकात्मक तस्वीर

राज्यसभा में ऑपरेशन सिंदूर और डोनाल्ड ट्रंप द्वारा किए गए सीजफायर के झूठे दावे पर गरमागरम बहस देखने को मिली। इस दौरान राजद (RJD) सांसद प्रो. मनोज झा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी तुलना कॉमिक्स पात्र ‘चाचा चौधरी’ से कर डाली।

उन्होंने कहा कि ट्रंप को “सदी का सबसे बड़ा झूठा” घोषित किया जाना चाहिए और भारतीय संसद को उनके बार-बार किए जाने वाले झूठे बयानों की सर्वसम्मति से निंदा करनी चाहिए।

'झूठ के शिखर पर ट्रंप, ऑपरेशन सिंदूर को लेकर फैलाई अफवाह'
मनोज झा ने कहा कि हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के तहत जो अभियान चला, उस पर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा सीजफायर के झूठे दावे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रम फैलाया। उन्होंने मांग की कि भारतीय संसद में निंदा प्रस्ताव लाया जाए, ताकि भारत की गरिमा और संप्रभुता की रक्षा हो सके।

ट्रंप में ‘चाचा चौधरी’ वाले सभी नकारात्मक गुण हैं, उनमें एक तरह की चौधराहट आ गई है। वे सदी के सबसे बड़े झूठ बोलने वाले बन गए हैं।" – मनोज झा, RJD सांसद

पहलगाम हादसे पर शोक और सरकार को घेरा
पहलगाम हादसे, जिसमें हाल ही में 26 लोगों की जान गई, उस पर संवेदना व्यक्त करते हुए झा ने कहा कि यह राष्ट्रीय शोक का विषय है। उन्होंने कहा कि भारत की एकजुटता हमेशा आपदाओं के समय सामने आती है, जैसा कि कोविड महामारी के दौरान भी देखा गया था।

'सरकार और राष्ट्र एक नहीं होते', प्रधानमंत्री पर भी किया कटाक्ष
प्रो. झा ने प्रधानमंत्री के उस वक्तव्य को भी कटघरे में खड़ा किया, जिसमें पीएम ने कहा था कि वह देश का पक्ष रखने आए हैं। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए झा ने कहा, प्रधानमंत्री को सरकार का पक्ष रखना चाहिए, देश सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों से बनता है।

जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग
अपने संबोधन के अंत में मनोज झा ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की जोरदार मांग की। उन्होंने कहा कि वहां लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली अब और देर नहीं सह सकती।