भारत ने जीता 2030 शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी, PM मोदी बोले— दुनिया का स्वागत करने को तैयार
भारत ने 2030 के शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी जीत ली है। प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और खेल मंत्री मांडविया ने इसे भारत के लिए ऐतिहासिक पल बताया। जानें इस उपलब्धि पर क्या कहा गया और कैसे अहमदाबाद मिला मेजबानी का अधिकार।
भारत ने 2030 के शताब्दी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का प्रतिष्ठित अधिकार जीत लिया है और इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की सामूहिक प्रतिबद्धता और खेल भावना ने देश को वैश्विक खेल मानचित्र पर मजबूती से स्थापित किया है। मोदी ने संदेश दिया कि वसुधैव कुटुंबकम की भावना के साथ भारत दुनिया का स्वागत करने के लिए तैयार है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि 2030 का यह शताब्दी संस्करण भारत के लिए ऐतिहासिक होगा, जिसे पूरे उत्साह के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मेजबानी की बोली जीतने पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न का नतीजा है, जिसमें भारत को एक वैश्विक खेल केंद्र के रूप में विकसित करने की स्पष्ट योजना रही है।
शाह के अनुसार, एक दशक की सतत मेहनत, आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और टीमवर्क ने भारत को इस मुकाम तक पहुंचाया है। अमित शाह ने इसे भारतीय खेल इतिहास का परिवर्तनकारी पल बताया, जिसने विश्व के सामने भारत की क्षमता को फिर प्रमाणित किया।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का अधिकार मिलना भारत के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है। उन्होंने बताया कि 2047 तक भारत को खेलों की महाशक्ति बनाने के लक्ष्य की दिशा में यह बहुत बड़ा कदम है। पिछले महीने कार्यकारी बोर्ड द्वारा अहमदाबाद के प्रस्ताव को मंजूरी देने के बाद 74 सदस्यीय आम सभा ने भी भारत की बोली को मंज़ूरी दे दी।
मांडविया ने कहा कि यह उपलब्धि भारत के युवा खिलाड़ियों और खेल ढांचे को नई प्रेरणा देगी।
कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने भी भारत की मेजबानी का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ स्पोर्ट एक नए स्वर्णिम युग में प्रवेश कर रहा है और ग्लासगो 2026 के बाद सभी की निगाहें अहमदाबाद 2030 पर होंगी, जहां शताब्दी संस्करण का आयोजन होगा। उन्होंने भारत की विशालता, युवा ऊर्जा, महत्वाकांक्षा और खेल जुनून को खासतौर पर सराहा।
उन्होंने बताया कि 2034 और आगे के गेम्स के लिए भी कई देश रुचि दिखा रहे हैं, जो कॉमनवेल्थ खेलों के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
जैसे ही अहमदाबाद को मेजबानी का ऐलान हुआ, जनरल असेंबली हॉल में 20 गरबा कलाकारों और 30 ढोल वादकों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर सभी प्रतिनिधियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इससे भारत की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक ऊर्जा दोनों का शानदार मेल देखने को मिला। भारत ने पिछली बार 2010 में नई दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी, जिसके बाद से देश में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है।


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