BSP की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में संगठन मजबूती का संकल्प, आकाश आनंद ने दिया बड़ा संदेश
BSP की राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक में आकाश आनंद, रामजी गौतम और अनिल कुमार ने संगठन मजबूती, चुनाव विश्लेषण और संविधान की रक्षा पर बड़ा संदेश दिया। जानें बैठक में क्या-क्या हुआ और आगे की रणनीति क्या है।
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की ओर से आयोजित राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक पार्टी की भविष्य की रणनीति तय करने में बेहद अहम साबित हुई। राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि राज्यसभा सांसद रामजी गौतम और प्रदेश प्रभारी अनिल कुमार भी मंच पर साथ दिखे। बैठक का मकसद हालिया विधानसभा चुनावों का गहराई से विश्लेषण करना और संगठन की कमजोरियों को पहचानकर उसे और मजबूत दिशा देना था।
संगठन को सशक्त बनाने की तैयारी
आकाश आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार ही नहीं, पूरे देश में सामाजिक न्याय की लड़ाई को नई ऊर्जा देने का सही समय आ गया है। उनके अनुसार संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर बढ़ते दबाव के बीच बहुजन समाज, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और वंचित वर्गों का संगठित होना जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि BSP सिर्फ सत्ता की राजनीति नहीं करती, बल्कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और कांशीराम के मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प लिए हुए है।
बहुजन आंदोलन को नए दौर में ले जाने का आह्वान
आकाश ने जोर देकर कहा कि समय अब परिवर्तन का है और बहुजन वर्ग को अपनी राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करना ही होगा। उनके अनुसार संगठन तभी प्रभावी होगा जब कार्यकर्ता मिशनरी भाव से मैदान में उतरें।
चुनाव बाद संगठन पुनर्गठन पर जोर
बैठक में राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने बताया कि BSP चुनाव बाद पुनर्गठन के नए चरण में प्रवेश कर चुकी है। संविधान दिवस पर आयोजित यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि इस मौके पर कार्यकर्ताओं को फिर से सक्रिय करने की जरूरत महसूस की गई।
कार्यकर्ताओं को नए संकल्प के साथ मैदान में उतरने की सलाह
उन्होंने कहा कि चुनाव में कई सीटों पर BSP मजबूत स्थिति में थी, लेकिन वोटों को जीत में बदलने की रणनीति कमजोर रही। अब इसी कमी को दूर किया जाएगा और पार्टी बिना किसी गठबंधन के अपने रास्ते पर चलती रहेगी।
चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल
रामजी गौतम ने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मतदान से ठीक पहले महिलाओं के खातों में बड़ी राशि भेजी गई, जिसका सीधा मकसद चुनावी परिणामों को प्रभावित करना था। उन्होंने कहा कि जब यूपी में हाथी की मूर्तियाँ ढँकने का आदेश हो सकता है, तो बिहार में 10,000 रुपये भेजे जाने पर चुप्पी क्यों?
वोटों को प्रभावित करने के आरोपों ने राजनीतिक ताप बढ़ाया
उन्होंने यह भी कहा कि संगठन अपनी कमजोरियों की पहचान करते हुए अब हर मोर्चे पर मजबूती से काम करेगा।
संविधान दिवस पर राजनीतिक माहौल को लेकर चिंता
प्रदेश प्रभारी अनिल कुमार ने संविधान दिवस के मौके पर बदलते राजनीतिक माहौल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुछ शक्तियाँ देश को धर्म आधारित दिशा देने की कोशिश कर रही हैं, जो लोकतंत्र और संविधान दोनों के लिए खतरनाक संकेत हैं।
संविधान की रक्षा को BSP ने बताया अपना मूल कर्तव्य
उन्होंने कहा कि यदि संविधान को कमजोर करने की कोशिश की गई, तो BSP अपने संगठनात्मक बल के जरिए पूरी मजबूती के साथ जवाब देगी।


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