ईरान ने 16 ट्रकों में क्या छिपाया? नेतन्याहू और ट्रंप की बेचैनी, सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ बड़ा खुलासा

ईरान के तीन बड़े परमाणु संयंत्रों पर हमले के बाद 400 किलो संवर्धित यूरेनियम गायब हो गया है। जानिए इस रहस्य के पीछे की पूरी कहानी और इसका वैश्विक प्रभाव।

ईरान ने 16 ट्रकों में क्या छिपाया? नेतन्याहू और ट्रंप की बेचैनी, सैटेलाइट तस्वीरों से हुआ बड़ा खुलासा

अमेरिका और इजरायल के बीच हाल ही में ईरान के तीन बड़े परमाणु संयंत्रों - नातांज, इस्फहान और फोर्डो - को बर्बाद करने की योजना को लेकर बड़े दावे किए गए। लेकिन अब एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। कहा जा रहा है कि ईरान से 16 ट्रकों में भरा हुआ 400 किलो संवर्धित यूरेनियम गायब हो गया है। यह मात्रा 10 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।

कहां गया यूरेनियम?
न्यूयॉर्क टाइम्स और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने बी2 बमवर्षकों (B-2 Bombers) से हमले से पहले ही इस यूरेनियम को अज्ञात स्थान पर भेज दिया था। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एबीसी न्यूज से बातचीत में इस बात की पुष्टि की।
- संभावित स्थान: माना जा रहा है कि यह यूरेनियम इस्फहान के गुप्त ठिकाने पर भेजा गया है। यह ठिकाना पहाड़ों की सुरंगों में स्थित है।
- रूस और चीन की मदद: रिपोर्ट्स के अनुसार, यह भी संभव है कि रूस या चीन इस यूरेनियम का उपयोग परमाणु हथियार बनाने में ईरान की मदद कर रहे हों।

हमले का नतीजा: ट्रक गायब, ठिकाने बरकरार
सैटेलाइट तस्वीरों में हमले से पहले फोरडो न्यूक्लियर प्लांट के बाहर 16 ट्रक खड़े देखे गए थे। अमेरिका ने इस ठिकाने पर 12 बंकर बस्टर बम गिराए। हालांकि, हमले के बाद के सैटेलाइट चित्रों में ट्रकों का कोई पता नहीं चला।
- फोरडो की गहराई: यह ठिकाना जमीन से 60 मीटर नीचे है।
- ईरान का दावा: ईरान का कहना है कि उसका यूरेनियम भंडार पूरी तरह सुरक्षित है। लेकिन इस दावे के बावजूद, यह स्पष्ट नहीं है कि यूरेनियम को कहां ले जाया गया।

IAEA का निरीक्षण और चिंता
अंतरराष्ट्रीय परमाणु निगरानी संस्था (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने कहा, हमने एक हफ्ते पहले इस क्षेत्र का निरीक्षण किया था। यह बेहद जरूरी है कि जल्द से जल्द हमारी पहुंच इन ठिकानों तक हो।” लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए IAEA के लिए यह एक चुनौतीपूर्ण कार्य बन गया है।

भविष्य की आशंका: ईरान का बढ़ता प्रभाव
ईरान ने अपने यूरेनियम का 60% संवर्धन पूरा कर लिया है। इसे 90% तक संवर्धित करने के बाद परमाणु हथियार बनाना संभव है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने इसे पश्चिमी देशों से सौदेबाजी का बड़ा हथियार बताया।