North Korea Missile Threat: किम जोंग की मिसाइलें क्यों बन गई हैं अमेरिका के लिए ‘रियल टाइम खतरा’
उत्तर कोरिया की बढ़ती मिसाइल क्षमता अब एशिया से निकलकर सीधे अमेरिका तक पहुंच चुकी है। जानें Hwasong मिसाइलों की रेंज, खतरा और 2035 तक का अनुमान।
उत्तर कोरिया ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी मिसाइल क्षमता को इतनी तेजी से बढ़ाया है कि अब उसका खतरा सिर्फ दक्षिण कोरिया और जापान तक सीमित नहीं रहा है। नई रिपोर्ट्स बताती हैं कि किम जोंग-उन की बढ़ती रेंज वाली बैलिस्टिक मिसाइलें अब सीधे पैसिफिक रीजन में बने अमेरिकी ठिकानों को भी निशाने पर लेने लगी हैं। कुछ मिसाइलें तो अमेरिका के 48 महाद्वीपीय राज्यों तक पहुंचने की क्षमता रखती हैं।
UN प्रतिबंधों की अनदेखी और लगातार टेस्ट — दुनिया क्यों चिंतित
किम जोंग-उन लगातार UN प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए नई मिसाइलें विकसित कर रहे हैं। इन मिसाइलों की खास बात यह है कि इन्हें डिटेक्ट करना मुश्किल है, ये जल्दी लॉन्च हो सकती हैं और बेहद लंबी दूरी तक मार कर सकती हैं। दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका की चिंता इसी तेजी से बढ़ती तकनीक को लेकर है।
दूसरी तरफ, प्योंगयांग का कहना है कि उसका हथियार कार्यक्रम “रक्षा” के लिए है, क्योंकि अमेरिका–दक्षिण कोरिया–जापान लगातार संयुक्त सैन्य अभ्यास करते रहते हैं।
Hwasong-9 (Scud-ER) — एशिया के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द
उत्तर कोरिया की शॉर्ट-टू-मीडियम रेंज मिसाइल Hwasong-9 की रेंज करीब 620 माइल है। यह आसानी से दक्षिण कोरिया और जापान के दक्षिण-पश्चिम हिस्सों को टारगेट कर सकती है।
इसका असली खतरा इसके वारहेड विकल्पों में छिपा है — यह हाई-एक्सप्लोसिव, केमिकल और मिनी-न्यूक्लियर तीनों तरह के वारहेड ले जा सकती है। साथ ही यह मोबाइल लॉन्चर्स से चलती है, जिससे इसे ट्रैक करना लगभग असंभव हो जाता है।
Hwasong-10 (Musudan) — पैसिफिक में अमेरिकी ठिकाने सीधे निशाने पर
यह मिसाइल उत्तर कोरिया को क्षेत्रीय शक्ति से आगे ले जाकर पैसिफिक में अमेरिकी ठिकानों के लिए गंभीर चुनौती बनाती है। इसकी रेंज 2,490 माइल तक जाती है, जिससे Guam जैसी रणनीतिक अमेरिकी लोकेशन सीधे इसकी जद में आती है।
करीब 2,600 पाउंड का भारी वारहेड इसे और घातक बनाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मिसाइल उत्तर कोरिया को अमेरिका के प्रभाव वाले पूरे पैसिफिक क्षेत्र पर दबाव बनाने की क्षमता देती है।
Hwasong-14 (KN-20) — उत्तर कोरिया की पहली ICBM और सबसे बड़ा वैश्विक खतरा
यह मिसाइल उत्तर कोरिया की सबसे खतरनाक ICBM मानी जाती है। पेलोड के आधार पर इसकी रेंज 6,460 माइल तक जा सकती है — जिसका मतलब है कि अलास्का, हवाई और अमेरिका के बड़े हिस्से इसके दायरे में आते हैं।
यही वह मिसाइल है जिसने उत्तर कोरिया को “क्षेत्रीय खतरे” से “वैश्विक परमाणु जोखिम” की श्रेणी में खड़ा कर दिया।
2035 तक बड़ी छलांग — अमेरिका के लिए बढ़ने वाला खतरा
अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी (DIA) के मुताबिक अभी उत्तर कोरिया के पास अमेरिका तक पहुंच सकने वाली ऐसी 10 से कम ICBM हैं। लेकिन 2035 तक यह संख्या 50 मिसाइलों तक जा सकती है — यानी आने वाले वर्षों में अमेरिका पर उत्तर कोरिया का खतरा कई गुना बढ़ जाएगा।


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