उपराष्ट्रपति धनखड़ के इस्तीफे से मचा सियासी घमासान: विपक्ष ने उठाए सवाल, नड्डा बोले- 'बैठक में व्यस्त'
74 वर्षीय उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा, BJP अध्यक्ष नड्डा ने दी सफाई। जानें पूरी खबर।
भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार शाम अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे पत्र में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की बात कही। 74 वर्षीय धनखड़ ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति पद संभाला था और उनका कार्यकाल 2027 तक था।
धनखड़ के करीबी सूत्रों का कहना है कि परिवार और डॉक्टरों के आग्रह पर उन्होंने यह फैसला लिया। नैनीताल दौरे के दौरान भी उनकी तबीयत बिगड़ी थी। इस्तीफे के बाद मंगलवार को राज्यसभा की अध्यक्षता उपसभापति हरिवंश ने संभाली।
विपक्ष का आरोप: ‘इस्तीफे की पटकथा पहले लिखी जा चुकी थी’
धनखड़ के इस्तीफे के तुरंत बाद विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि “इस्तीफे की पटकथा पहले से लिखी गई थी। नड्डा का बयान भी चेयर का अपमान था।” कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी भाजपा नेताओं की बैठक में अनुपस्थिति पर सवाल उठाए।
जेपी नड्डा का जवाब: 'संसदीय कार्यों में व्यस्त था'
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने ABP News से बातचीत में कहा, किरेन रिजिजू और मैं उपराष्ट्रपति द्वारा बुलाई गई 4:30 बजे की बैठक में शामिल नहीं हो पाए, क्योंकि हम संसद के अन्य कार्यों में व्यस्त थे। इस बारे में उपराष्ट्रपति के दफ्तर को पहले ही सूचना दे दी गई थी।
नड्डा ने यह भी स्पष्ट किया कि सदन में उनकी टिप्पणी विपक्ष के टोका-टोकी करने वाले सांसदों के लिए थी, न कि चेयर के लिए।
बैठक में कौन-कौन नहीं पहुंचा?
4:30 बजे हुई बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) मीटिंग में सत्ता पक्ष की ओर से सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन शामिल हुए। उन्होंने मीटिंग अगले दिन तक टालने का आग्रह किया। इस मीटिंग में जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू की अनुपस्थिति पर उपराष्ट्रपति नाराज बताए गए।
स्वास्थ्य कारण ही असली वजह?
धनखड़ के परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि इस्तीफे के पीछे सिर्फ उनकी बिगड़ती सेहत है। उन्होंने यह भी साफ किया कि वह अपने फैसले पर पुनर्विचार नहीं करेंगे और फिलहाल घर पर ही आराम करेंगे।
धनखड़ का अब तक का सफर
धनखड़ का कार्यकाल हमेशा चर्चा में रहा। उन्होंने कई बार विपक्ष पर तीखी टिप्पणी की और कुछ मसलों पर सरकार को भी असहज कर दिया। वह अपने स्पष्ट और बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं।


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