तेंदुए का आतंक: स्कूल में लगा लॉकडाउन, ग्रामीणों में खौफ और वन विभाग अलर्ट
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में तेंदुओं का खौफ बढ़ता जा रहा है। इटारसी के स्कूल में लॉकडाउन, ग्रामीणों में डर और वन विभाग अलर्ट। जानें पूरी खबर विस्तार से।
मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले में तेंदुओं का खौफ लगातार बढ़ता जा रहा है। हालत इतनी गंभीर हो गई है कि इटारसी के एक निजी स्कूल को दस दिनों के लिए बंद करना पड़ा और अब क्लासेस ऑनलाइन करवाई जा रही हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि स्कूल के आसपास पिछले कई दिनों से तेंदुए का मूवमेंट देखा गया है।
पावर ग्रिड में घूम रहा मादा तेंदुआ और शावक
सतपुड़ा टाइगर रिज़र्व से लगे पथरौटा पावर ग्रिड परिसर में बीते आठ दिनों से मादा तेंदुआ और उसके शावक घूम रहे हैं। स्थिति और खतरनाक तब हो गई जब करंट लगने से एक शावक की मौत हो गई। इसके बाद इलाके में बच्चों और स्थानीय लोगों का डर और गहरा गया।
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री तक पहुंचा तेंदुआ
इतना ही नहीं, इटारसी की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री कैंपस में भी पिछले पांच दिनों से तेंदुए की मौजूदगी दर्ज की गई है। रोज़ाना उसके फुटप्रिंट देखे जा रहे हैं, जिससे कर्मचारियों और आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है।
ग्रामीण लाठी-डंडों से कर रहे हैं पहरा
ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुआ अपने शावक की तलाश में हमला भी कर सकता है। यही कारण है कि लोग अब लाठी-डंडों के साथ घरों के बाहर पहरा दे रहे हैं। वहीं, धांसई गांव में तेंदुआ बीते तीन दिनों से मुर्गे-मुर्गियों का शिकार कर रहा है। वन विभाग ने इलाके में पिंजरे लगाकर गश्ती तेज कर दी है।
बार-बार पकड़कर छोड़े जाने के बाद लौटते हैं तेंदुए
पिछले ही महीने 22 अगस्त को खखरापुरा गांव के पास एक तेंदुए को पिंजरे में फंसाकर पकड़ा गया था। यह वही तेंदुआ था, जिसने सात गांवों में दहशत फैला रखी थी। लेकिन, जंगल में छोड़े जाने के बाद यह फिर से रहवासी इलाके में लौट आया। यही वजह है कि ग्रामीण अब और ज्यादा डरे हुए हैं।
असली वजह: इंसानों की बढ़ती दखल
विशेषज्ञों के अनुसार, इंसानों ने जंगल, जमीन और जल स्रोतों पर कब्जा कर लिया है। नतीजा यह है कि तेंदुए जैसे जंगली जानवर अपनी प्राकृतिक बसाहट छोड़कर गांव और शहरों की ओर आ रहे हैं। अब चुनौती सिर्फ उन्हें पकड़कर जंगल में छोड़ने की नहीं है, बल्कि ग्रामीणों के दिल से खौफ मिटाने की भी है।


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