उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: PM मोदी ने डाला पहला वोट, NDA के C.P. राधाकृष्णन और INDIA ब्लॉक के B. सुदर्शन रेड्डी में सीधा मुकाबला

उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले वोट डाला। NDA उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन और INDIA Bloc प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी में कड़ा मुकाबला। शाम 6 बजे से गिनती शुरू होगी। जानिए नंबर गेम, रणनीति और क्रॉस वोटिंग का पूरा गणित।

उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: PM मोदी ने डाला पहला वोट, NDA के C.P. राधाकृष्णन और INDIA ब्लॉक के B. सुदर्शन रेड्डी में सीधा मुकाबला
Prime Minister Narendra Modi cast his vote for Vice Presidential election at Parliament House

देश के 17वें उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए संसद भवन में मतदान प्रक्रिया जारी है। सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना वोट डालकर शुरुआत की। मुकाबला एनडीए (NDA) उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन तथा इंडिया ब्लॉक (INDIA Bloc) के प्रत्याशी और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच है।

सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान चलेगा और 6 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी। आज शाम तक देश को नया उपराष्ट्रपति मिल जाएगा। यह चुनाव 16वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद हो रहा है।

बीजेपी की रणनीति: ब्रेकफास्ट मीटिंग से वोटिंग तक
मतदान से पहले बीजेपी ने रणनीति बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दिल्ली में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के ऑफिस वाणिज्य भवन और मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर यूपी और महाराष्ट्र के सांसद जुटे। वहीं बिहार-झारखंड के सांसद केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के घर पहुंचे और वहां से सामूहिक रूप से संसद भवन रवाना हुए।

नंबर गेम में एनडीए भारी, लेकिन क्रॉस वोटिंग से सतर्क
संसद में कुल 781 सांसद (राज्यसभा 239 + लोकसभा 542) हैं, जिनमें जीत के लिए 391 वोट चाहिए। एनडीए के पास अपने दम पर ही 425 सांसदों का समर्थन है। साथ ही उसे वाईएसआरसीपी (YSRCP) और बीजेडी (BJD) का भरोसा भी है।

फिर भी, क्रॉस वोटिंग का डर बीजेपी को सता रहा है। अतीत में कई बार अंतिम समय में हुए क्रॉस वोटिंग ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। यही कारण है कि एनडीए इस बार बेहद सतर्क नजर आ रहा है।

INDIA Bloc का प्रयास: आखिरी समय तक जोड़-तोड़
विपक्ष जानता है कि उसका गणित एनडीए से कमजोर है, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अंतिम समय तक निर्दलीय सांसदों और छोटे दलों से संपर्क साधा। विपक्ष के पास फिलहाल करीब 324 सांसदों का समर्थन है। अनुमान है कि इस चुनाव में जीत का अंतर 100 से 125 वोट के बीच रह सकता है।

2022 में हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में जगदीप धनखड़ ने मार्गरेट अल्वा को 346 वोटों के अंतर से हराया था। इस बार विपक्ष पहले की तुलना में मजबूत स्थिति में है, इसलिए अंतर कम होने की संभावना है।

छोटे दलों और निर्दलीयों पर टिकी नज़र
- वाईएसआरसीपी ने पहले ही एनडीए का समर्थन घोषित कर दिया है, जिसके पास राज्यसभा में 7 और लोकसभा में 4 सांसद हैं।
-  आम आदमी पार्टी की सांसद स्वाति मालीवाल भी एनडीए को वोट दे सकती हैं।
- बीजेडी के 7 सांसदों के समर्थन की उम्मीद एनडीए को है।
- बीआरएस (BRS) फिलहाल चुप है और संभव है कि वह वोटिंग से दूर रहे, क्योंकि तेलंगाना में होने वाले उपचुनाव में मुस्लिम वोट बैंक पर उसका ध्यान है।
- निर्दलीयों और छोटे दलों (जैसे अकाली दल, जेडपीएम, वीओटीटीपी) के रुख को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।

गुप्त मतदान और क्रॉस वोटिंग का इतिहास
उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग हमेशा गुप्त मतदान से होती है। यही कारण है कि कोई यह नहीं बता सकता कि किस सांसद ने किस उम्मीदवार को वोट दिया। 1998 में पहली बार बड़े स्तर पर क्रॉस वोटिंग हुई थी, जिसके बाद ओपन बैलेट सिस्टम पर भी बहस छिड़ी। बावजूद इसके, क्रॉस वोटिंग भारतीय राजनीति का अहम हिस्सा बनी हुई है और आज भी बड़े चुनावों में इसका डर पार्टियों को परेशान करता है।