नीट पेपर लीक: ईडी की कार्रवाई से हिला बिहार-झारखंड, मास्टरमाइंड संजीव मुखिया पर कसा शिकंजा

नीट पेपर लीक और सिपाही भर्ती घोटाले में ईडी ने बिहार, झारखंड, यूपी, और बंगाल के 11 ठिकानों पर छापेमारी की। मास्टरमाइंड संजीव मुखिया पर शिकंजा कसते हुए मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की गई है।

नीट पेपर लीक: ईडी की कार्रवाई से हिला बिहार-झारखंड, मास्टरमाइंड संजीव मुखिया पर कसा शिकंजा
neet paper leak mastermind sanjeev mukhiya

नीट पेपर लीक और सिपाही भर्ती परीक्षा घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, और पश्चिम बंगाल के 11 ठिकानों पर छापेमारी की गई। इस मामले में संजीव मुखिया और अन्य आरोपितों पर शिकंजा कसते हुए एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है।

नीट पेपर लीक का मास्टरमाइंड संजीव मुखिया इस घोटाले का मुख्य कर्ताधर्ता है। अप्रैल 2025 में बिहार एसटीएफ ने पटना से गिरफ्तार किया था। उस पर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित था। नालंदा का रहने वाला संजीव पहले एक सरकारी कॉलेज में तकनीकी सहायक के पद पर तैनात था। पूछताछ में उसने कई बड़े खुलासे किए हैं, जिससे पेपर लीक से जुड़े कई चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।

डॉक्टर शिव और सिकंदर यादवेंदु पर ईडी का शिकंजा
ईडी ने नालंदा में संजीव मुखिया के बेटे डॉक्टर शिव के ठिकानों पर छापा मारा। डॉक्टर शिव पहले सिपाही भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में जेल जा चुका है। वहीं, रांची में आरोपी सिकंदर यादवेंदु के घर भी छापेमारी चल रही है। दोनों पहले से ही जेल का सामना कर चुके हैं।

पेपर लीक घोटाले का राष्ट्रीय नेटवर्क
ईडी की छापेमारी में यह साफ हुआ कि यह घोटाला केवल बिहार तक सीमित नहीं है। नालंदा, रांची, लखनऊ और कोलकाता में चल रही कार्रवाई से संकेत मिलता है कि यह एक राष्ट्रीय नेटवर्क हो सकता है। ईडी ने बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा दर्ज मामलों को आधार बनाकर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है।