PAK मीडिया की नई फेक न्यूज! डोनाल्ड ट्रंप के दौरे पर झूठ फैलाते पकड़ा गया पाकिस्तान

पाकिस्तान के चैनलों ने डोनाल्ड ट्रंप के पाकिस्तान दौरे की झूठी खबर फैलाई। असल में ट्रंप सितंबर 2025 में ब्रिटेन जाएंगे, जहां किंग चार्ल्स और रानी कैमिला उनका स्वागत करेंगे।

PAK मीडिया की नई फेक न्यूज! डोनाल्ड ट्रंप के दौरे पर झूठ फैलाते पकड़ा गया पाकिस्तान
Donald Trump

पाकिस्तानी मीडिया का झूठ बोलना कोई नई बात नहीं है। लेकिन इस बार तो उसने हद ही पार कर दी। पाकिस्तान के टीवी चैनलों और अखबारों ने दावा कर दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) सितंबर 2025 में इस्लामाबाद का दौरा करने वाले हैं। 

हालांकि हकीकत सामने आते ही पाकिस्तान की यह कहानी धूल में मिल गई। असलियत यह है कि ट्रंप का शेड्यूल इस्लामाबाद के बजाय ब्रिटेन (UK) में शाही परिवार के साथ मुलाकात का है।

पाकिस्तानी मीडिया का नया झूठ – ट्रंप का पाकिस्तान दौरा?
पाकिस्तान के समा टीवी ने दावा किया कि 18 सितंबर 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान आएंगे। समा टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, यह दौरा पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर की मेजबानी के जवाब में हो रहा है। समा टीवी ने यह भी कहा कि इससे पहले 2006 में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश पाकिस्तान आए थे।

सच क्या है? व्हाइट हाउस और ब्रिटेन की पुष्टि
सच्चाई ये है कि ट्रंप का 17–19 सितंबर का शेड्यूल पहले से तय है और वे ब्रिटेन के राजकीय दौरे पर जा रहे हैं। ब्रिटेन के शाही परिवार की तरफ से इस दौरे की आधिकारिक पुष्टि भी की जा चुकी है। किंग चार्ल्स तृतीय और रानी कैमिला विंडसर कैसल में डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप का स्वागत करेंगे। 14 जुलाई 2025 को ब्रिटेन की रानी कैमिला ने खुद इस दौरे की जानकारी दी।

ब्रिटेन में शाही स्वागत, पाकिस्तान से कोई योजना नहीं
यह दूसरी बार होगा जब ट्रंप ब्रिटेन शाही परिवार के आमंत्रण पर दौरे पर होंगे। पहली बार उन्होंने 2019 में अपने पहले कार्यकाल के दौरान ब्रिटेन का दौरा किया था, जब महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने उनका स्वागत किया था। ट्रंप ने कहा कि शाही परिवार का फिर से आमंत्रण पाना उनके लिए “बड़े सम्मान” की बात है।

पाकिस्तान की बेवजह उम्मीदें और झूठे दावे
पाकिस्तान को उम्मीद थी कि पिछले महीने व्हाइट हाउस में पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की मेजबानी के बाद ट्रंप पाकिस्तान आएंगे। यही नहीं, पाकिस्तान ने तो यहां तक कह दिया कि उसने 2026 के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए ट्रंप का नाम औपचारिक रूप से सिफारिश कर दिया है। लेकिन सच्चाई यही है कि आतंकियों को पालने वाले पाकिस्तान को पिछले 19 सालों से किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने दौरा नहीं किया।

पाक मीडिया की पुरानी आदत – फेक न्यूज फैलाना
यह पहली बार नहीं है कि पाकिस्तानी मीडिया ने इस तरह का झूठ फैलाया है। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पाकिस्तानी चैनल और नेताओं ने कई हास्यास्पद दावे किए थे। बाद में दुनिया ने देखा कि भारतीय हथियारों ने पाकिस्तान की मदद कर रहे तुर्किए और चीन के हथियारों को धूल चटा दी।