वाराणसी कमिश्नरेट में ट्रैफिक व्यवस्था सख्त, चौकी प्रभारियों की नियुक्ति पर भी कड़े निर्देश

वाराणसी कमिश्नरेट में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने लहरतारा–फुलवरिया मार्ग पर ट्रैफिक जाम को लेकर सख्त निर्देश दिए। साथ ही चौकी प्रभारियों की नियुक्ति और हटाने को लेकर नई गाइडलाइन जारी की गई।

वाराणसी कमिश्नरेट में ट्रैफिक व्यवस्था सख्त, चौकी प्रभारियों की नियुक्ति पर भी कड़े निर्देश
मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त, वाराणसी

कमिश्नरेट वाराणसी में यातायात अव्यवस्था और प्रशासनिक अनुशासन को लेकर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सख्त रुख अपनाया है। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने 4 जनवरी 2026 को लहरतारा–फुलवरिया मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क पर जाम की वास्तविक वजहों को मौके पर देखा गया और तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।

अवैध पार्किंग बनी जाम की बड़ी वजह
निरीक्षण में यह सामने आया कि बस और टेम्पो चालक लहरतारा चौकी के आसपास और सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े कर सवारियों का इंतजार करते हैं। इससे सड़क की प्रभावी चौड़ाई कम हो जाती है और बार-बार भीषण जाम की स्थिति बन जाती है। इस अव्यवस्था के कारण आम नागरिकों के साथ-साथ स्कूली वाहन, एम्बुलेंस और दैनिक यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अवैध पार्किंग पर जीरो टॉलरेंस
पुलिस आयुक्त ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लहरतारा चौकी के आसपास किसी भी स्थिति में बस, टेम्पो या अन्य व्यावसायिक वाहनों की अवैध पार्किंग न होने दी जाए। साथ ही, सड़क पर वाहन खड़ा कर यातायात बाधित करने वाले प्राइवेट वाहन चालकों के खिलाफ भी सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

संयुक्त चेकिंग अभियान से व्यवस्था सुधार
यातायात पुलिस और स्थानीय थाना पुलिस को संयुक्त रूप से नियमित चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान के तहत अवैध रूप से खड़े वाहनों को तत्काल हटवाने, आवश्यकतानुसार चालान करने और गंभीर मामलों में वाहन सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। बस और टेम्पो चालकों को केवल निर्धारित स्टॉपेज और पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु और सुरक्षित बनी रहे।

चौकी प्रभारियों की नियुक्ति पर नई गाइडलाइन
इसी क्रम में कमिश्नरेट वाराणसी में चौकी प्रभारियों की नियुक्ति और प्रत्यावर्तन को लेकर भी नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि किसी भी चौकी प्रभारी को सामान्य परिस्थितियों में नियुक्ति की तिथि से एक वर्ष से पहले न हटाया जाए, जिससे प्रशासनिक स्थिरता बनी रहे और कार्य में निरंतरता सुनिश्चित हो सके।

प्रत्यावर्तन से पहले अनिवार्य अनुमोदन
यदि किसी चौकी प्रभारी को छह माह से पहले या एक वर्ष की अवधि के भीतर हटाना आवश्यक हो, तो संबंधित पुलिस उपायुक्त को विस्तृत कारणों के साथ निर्धारित प्रारूप में विवरण भेजकर अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय से अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य होगा। वहीं, छह माह से पहले हटाने की स्थिति में यह अनुमोदन सीधे पुलिस आयुक्त स्तर से प्रदान किया जाएगा।

अनुशासन और जवाबदेही पर जोर
इसके अलावा निर्देश दिए गए हैं कि जिन उपनिरीक्षकों को चौकी प्रभारी के पद से हटाया गया है, उन्हें अगले छह माह तक दोबारा चौकी प्रभारी नियुक्त न किया जाए। विशेष परिस्थितियों में ही अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय से अनुमति ली जा सकेगी। साथ ही, गंभीर मामलों में दंडित उपनिरीक्षकों को किसी भी दशा में चौकी प्रभारी न बनाए जाने के निर्देश भी स्पष्ट रूप से जारी किए गए हैं।