उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन की बड़ी जीत, INDIA गठबंधन में मची खलबली
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में NDA के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने INDIA के प्रत्याशी बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से हराया। INDIA को उम्मीद से कम वोट मिले, जिसके बाद क्रॉस वोटिंग की चर्चा तेज हो गई है। जानें पूरा चुनावी घटनाक्रम।
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के नतीजे ने सत्ता पक्ष NDA को उत्साहित कर दिया है, जबकि विपक्षी गठबंधन INDIA की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन ने विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से शिकस्त दी। राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि रेड्डी को 300 वोट हासिल हुए।
INDIA गठबंधन को कम मिले वोट, क्रॉस वोटिंग की चर्चा
INDIA ब्लॉक के पास कुल 315 सांसद हैं, लेकिन उसे सिर्फ 300 वोट मिले। यह आंकड़ा उनके अनुमान से काफी कम रहा। यही वजह है कि अब चर्चा तेज हो गई है कि कुछ सांसदों ने क्रॉस वोटिंग की।
जानकारी के मुताबिक, 10 से 13 सांसदों ने NDA उम्मीदवार का समर्थन किया। सूत्र बताते हैं कि ये सांसद महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी से जुड़े हो सकते हैं।
शिवसेना (UBT) का पलटवार – 'हमारे वोट पूरे मिले'
क्रॉस वोटिंग के आरोपों पर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने एनडीए को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, यह अफवाह फैलाने का काम एनडीए कर रहा है। हमारे जितने वोट थे, उतने ही हमारे पास आए हैं। 15 वोट अवैध घोषित किए गए, लेकिन वे भी हमारे उम्मीदवार सुदर्शन रेड्डी के पक्ष में डाले गए थे।
कांग्रेस का बयान – 'बीजेपी की नैतिक हार'
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस चुनावी नतीजे पर तीखा बयान दिया। पार्टी ने कहा कि भले ही आंकड़ों में एनडीए उम्मीदवार को जीत मिली हो, लेकिन असल मायनों में यह बीजेपी की नैतिक और राजनीतिक हार है।
मतदान और नतीजे
- कुल सदस्य: 781
- मतदान करने वाले: 767
- वैध वोट: 752
- अवैध वोट: 15
- बहुमत की जरूरत: 377 वोट
- NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन: 452 वोट
- INDIA उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी: 300 वोट
राज्यसभा के महासचिव और निर्वाचन अधिकारी पी. सी. मोदी ने नतीजे घोषित किए और बताया कि इस बार 98.2% मतदान हुआ।
NDA का दावा – '40 विपक्षी सांसदों ने अंतरात्मा की सुनी आवाज़'
बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने दावा किया कि लगभग 40 विपक्षी सांसदों ने NDA उम्मीदवार को समर्थन दिया। उनके अनुसार, इनमें वे वोट भी शामिल हैं जिन्हें अवैध करार दिया गया। एनडीए नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र के कुछ विपक्षी सांसदों ने भी खुलकर राधाकृष्णन का साथ दिया।


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