मामूली झगड़े ने ली जान, साले ने अपने ही जीजा को मार डाला; 4 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
अलवर के नंगली गांव में पवन प्रजापत की साले विष्णु द्वारा बेरहमी से पिटाई के बाद मौत। चार मासूम बच्चे अब पिता के बिना, पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल। पढ़ें पूरी घटना, परिवार पर असर और पुलिस की कार्रवाई।
अलवर के अकबरपुर थाना क्षेत्र के नंगली गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 29 वर्षीय पवन प्रजापत, जो अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था, की मौत उसके ही साले विष्णु की बेरहमी से पिटाई के कारण हुई। घटना का कारण कुछ सामान चोरी के शक से शुरू हुई मामूली बहस थी, जो हाथापाई तक बढ़ गई।
झगड़ा और दर्दनाक अंजाम
पवन की एजेंसी, जहां वह रसोई की चिमनी लगाने का काम करता था, में ही विवाद हुआ। कुछ दिन पहले पवन को शक हुआ कि एजेंसी से कुछ सामान गायब हो गया है। इस बात पर उसके साले विष्णु से विवाद हुआ। गुस्से में विष्णु ने पवन पर हमला कर दिया और उसे इतनी बेरहमी से पीटा कि वह लहूलुहान हो गया। पूरा घटनाक्रम एजेंसी के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। घायल पवन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, और वहां से जयपुर रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
परिवार पर हुआ विनाशकारी असर
पवन की मौत ने पूरे परिवार का सहारा छीन लिया। चार छोटे बच्चे, जिनमें सबसे छोटा सिर्फ डेढ़ महीने का है, अब पिता की अनुपस्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग बताते हैं कि पवन बेहद मेहनती और सीधा-सादा इंसान था। गांव में मातम पसरा है और लोग यह सोचकर स्तब्ध हैं कि मामूली शक ने कैसे चार बच्चों से उनका भविष्य छीन लिया।
विश्वासघात और रिश्तों की टूटती डोर
पवन की पत्नी, जो विष्णु की बहन भी हैं, अभी भी विश्वास नहीं कर पा रही हैं कि उसका भाई ही उसके पति का हत्यारा बन गया। वह बार-बार विलाप कर रही हैं और कह रही हैं, “जिस भाई को मैंने राखी बांधी, उसी ने मेरा सुहाग उजाड़ दिया।” बच्चों के लिए अब “मामा” शब्द भी डरावना बन गया है।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की प्रक्रिया
अकबरपुर पुलिस को सीसीटीवी वीडियो मिलने के बाद पूरे मामले की सच्चाई सामने आई। पवन के भाई राजेंद्र प्रजापत ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने विष्णु के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।


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