ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान पर सबसे बड़ा ऑपरेशन, जनता से बगावत की अपील
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अब तक के सबसे बड़े सैन्य ऑपरेशन का दावा किया। खामेनेई की मौत, 100 से ज्यादा ठिकानों पर हमले और ईरानी जनता से विद्रोह की अपील—जानिए पूरा मामला।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अचानक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लाइव आए और दुनिया को चौंका देने वाला बयान दिया। अपने संबोधन में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका अपने दुश्मनों को कभी नहीं छोड़ता और अगर कोई भी ताकत अमेरिकी नागरिकों के लिए खतरा बनेगी तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि ईरान की मौजूदा नेतृत्व व्यवस्था टूट चुकी है और वहां के कुछ शीर्ष नेता आत्मसमर्पण करना चाहते हैं।
‘सबसे बड़ा सैन्य अभियान’ का दावा
अपने भाषण में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान पर किया गया सैन्य अभियान अब तक का सबसे जटिल और व्यापक ऑपरेशन था। उन्होंने कहा कि सौ से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया और यह कार्रवाई इतनी बड़ी थी कि दुनिया ने पहले कभी ऐसा ऑपरेशन नहीं देखा। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei को मार गिराया गया है और उन्हें “हत्यारा” करार दिया। उन्होंने ईरान में उनकी मौत के बाद कथित रूप से हुए जश्न का भी जिक्र किया।
हमले जारी, तीन सैनिकों की मौत की पुष्टि
राष्ट्रपति ने बताया कि हमले अभी भी जारी हैं और जब तक सभी रणनीतिक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते, कार्रवाई रुकने वाली नहीं है। इस दौरान तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि भी की गई, जिनके प्रति ट्रंप ने संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना दुनिया की सबसे बहादुर सेना है और हर चुनौती में अपनी क्षमता साबित करती है। ट्रंप के अनुसार, ईरान का परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम अमेरिका के लिए सीधा खतरा बन चुका था और इस खतरे को खत्म करना जरूरी था।
ईरानी जनता से सड़कों पर उतरने की अपील
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में ट्रंप ने ईरान की जनता को सीधा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा नेतृत्व कमजोर पड़ चुका है और अब फैसला जनता के हाथ में है। ट्रंप ने ईरानी नागरिकों से सड़कों पर उतरने और अपने देश को “वापस लेने” की अपील की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अमेरिका ईरान की जनता के साथ खड़ा है और आतंकवाद से जुड़े किसी भी नेतृत्व को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।


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