राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न: अयोध्या में भक्ति का उत्सव, सीएम योगी का जन्मदिन भी विशेष बना
अयोध्या के राम मंदिर में आज राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुई। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस पावन अवसर पर पूजा-अर्चना की। भगवान राम के साथ माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान की मूर्तियां भी स्थापित की गईं। यह दिन योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन को भी विशेष बनाता है।
रामनगरी अयोध्या के भव्य राम मंदिर में आज का दिन ऐतिहासिक और भक्ति से परिपूर्ण रहा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा विधि-विधान से संपन्न हुई। इस शुभ अवसर पर भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, और हनुमान की मूर्तियों को प्रथम तल पर स्थापित किया गया। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूजा-अर्चना की और आरती उतारी। खास बात यह है कि आज योगी आदित्यनाथ का जन्मदिन भी है, जिसने इस दिन को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।
भव्य आयोजन का विवरण
राम दरबार की मूर्तियां 2 फुट ऊंचे सफेद संगमरमर के सिंहासन पर विराजित की गई हैं। भगवान राम और माता सीता के साथ हनुमान और लक्ष्मण की मूर्तियां भी विशेष स्थान पर रखी गई हैं।
राम मंदिर के परकोटे में आठ मंदिर बनाए गए हैं, जहां विभिन्न देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा भी हुई। इनमें ईशान कोण पर शिवलिंग, अग्नि कोण में श्रीगणेश, नैरित्र कोण में सूर्यदेव, और वायव्य कोण में मां भगवती की मूर्तियां प्रमुख हैं।
मुख्य अतिथि और आयोजन की मुख्य झलकियां
मुख्य यजमान: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और उनकी पत्नी ने यजमान के रूप में प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में भाग लिया।
मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आयोजन में भाग लिया और विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की।
अयोध्या और काशी के 101 आचार्य: मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई।
श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर
देश और दुनिया के कोने-कोने से अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु राम दरबार की भव्यता में डूब गए। मंदिर परिसर और अयोध्या की गलियां राम भजनों से गूंजती रहीं। हर व्यक्ति भक्ति और उत्साह से ओत-प्रोत दिखा।
विशेष संयोग
करीब डेढ़ साल पहले, 22 जनवरी 2024 को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। अब, 5 जून को राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के साथ भगवान राम का राजा राम के रूप में मंदिर के प्रथम तल पर स्वागत हुआ। यह दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिन के साथ मेल खाता है, जिसने आयोजन की महत्ता को और बढ़ा दिया।
आगे की योजना
राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के बाद, मंदिर के अन्य हिस्सों को भी श्रद्धालुओं के लिए धीरे-धीरे खोला जाएगा। यह आयोजन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की योजना और धर्माचार्यों के सहयोग से भव्य रूप में संपन्न हुआ।
अयोध्या में भक्ति का माहौल
अयोध्या में हर गली और कोने में रामभक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भक्ति में लीन होकर भगवान श्रीराम के दर्शन का विशेष अनुभव किया। यह दिन न केवल अयोध्या, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और आस्था का प्रतीक बन गया। अयोध्या और श्रीराम मंदिर का यह पावन क्षण इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।


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