‘धर्मांतरण’ की आड़ में करोड़ों का खेल… ईडी की छापेमारी में छांगुर बाबा का काला सच उजागर
अवैध धर्मांतरण के आरोपी छांगुर बाबा का मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क मुंबई से लेकर पनामा तक फैला मिला। 60 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन, विदेशी शेल कंपनियों और अवैध संपत्तियों का खुलासा। पढ़ें पूरी खबर।
देश में अवैध धर्मांतरण का जाल बुनने वाला जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा सिर्फ देश के भीतर ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपना काला कारोबार फैला चुका था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताजा जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि उसका मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क मुंबई से लेकर पनामा तक फैला था।
विदेशी फंडिंग से अवैध संपत्तियां और धर्मांतरण मिशन
जांच में सामने आया कि छांगुर बाबा विदेशों से भारी-भरकम फंडिंग हासिल करता था। इस पैसे का इस्तेमाल न सिर्फ देश में धर्मांतरण कराने में बल्कि अवैध संपत्तियों की खरीद में भी किया जा रहा था। ईडी को जांच के दौरान 22 बैंक खातों की पड़ताल में करीब 60 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन के सबूत मिले। इन खातों में करोड़ों के लेनदेन का न तो कोई वैध स्रोत था और न ही साफ उद्देश्य।
मुंबई की प्रॉपर्टी से लेकर पनामा की शेल कंपनी तक
मुंबई में छांगुर बाबा ने ‘रनवल ग्रींस’ नाम का आलीशान कॉम्पलेक्स खरीदा। ईडी को शक है कि यह सौदा अवैध विदेशी फंड से किया गया। इस सौदे से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से जांच हो रही है।
ईडी को पनामा की ‘Logos Marine’ नामक कंपनी से भी छांगुर बाबा के तार जुड़े मिले हैं। इस कंपनी के दस्तावेज अब ईडी के कब्जे में हैं, जिससे आशंका है कि वह विदेशों में भी काले धन को खपाने के नेटवर्क का संचालन कर रहा था।
लखनऊ का बुटीक बना दस्तावेज़ छुपाने का अड्डा
लखनऊ के सुभाष नगर स्थित ‘आसवी बुटीक’ पर भी ईडी ने छापा मारा। जांच में सामने आया कि इस बुटीक का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज़ छुपाने के लिए किया जाता था। यहां से कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए और फिलहाल इस बुटीक को सील कर दिया गया है।
नवीन और नसरीन भी रैकेट में शामिल
ईडी ने इस नेटवर्क में नवीन रोहरा और नीतू रोहरा उर्फ नसरीन को भी मुख्य साजिशकर्ता माना है। ये दोनों संदिग्ध लेनदेन और संपत्ति सौदों में छांगुर बाबा के साथ मिलकर काम कर रहे थे। ईडी इनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई तेज कर चुकी है।
ईडी अधिकारियों के मुताबिक, छांगुर बाबा और उसके साथियों के खिलाफ कई पुख्ता सबूत जुटा लिए गए हैं और अब इस रैकेट पर पूरी तरह शिकंजा कसने की तैयारी है।


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