बिहार चुनाव 2025: पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर होगी वोटिंग, जानिए ईवीएम से जुड़ी हर जरूरी जानकारी
बिहार चुनाव 2025 का पहला चरण 6 नवंबर को होगा। 18 जिलों की 121 सीटों पर 3.75 करोड़ मतदाता वोट डालेंगे। जानिए — ईवीएम से वोट कैसे डालें, कौन-कौन सीटें पहले चरण में हैं, कितने प्रत्याशी मैदान में हैं और कौन-सी सीट पर सबसे ज्यादा मतदाता हैं।
बिहार में लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व शुरू होने जा रहा है। गुरुवार, 6 नवंबर 2025 को पहले चरण के मतदान में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर वोटिंग होगी। इस चरण में 3 करोड़ 75 लाख 13 हजार 302 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
इनमें 1 करोड़ 98 लाख 35 हजार 325 पुरुष, 1 करोड़ 76 लाख 77 हजार 219 महिलाएं और 758 थर्ड जेंडर वोटर शामिल हैं। 45,341 पोलिंग बूथों पर मतदान की व्यवस्था की गई है।
कहां-कहां होगा वोटिंग
पहले चरण में मतदान होने वाले जिले हैं — मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, सहरसा, दरभंगा, गोपालगंज, सीवान, समस्तीपुर, सारण, वैशाली, बेगूसराय, खगड़िया, शेखपुरा, मुंगेर, लखीसराय, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर।
वोटिंग सुबह 7 बजे से शुरू होगी।
ज्यादातर सीटों पर मतदान शाम 6 बजे तक, जबकि 6 विधानसभा सीटों पर सुरक्षा कारणों से शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी। इन 6 सीटों में शामिल हैं — सिमरी बख्तियारपुर, मुंगेर, महिषी, तारापुर, जमालपुर और सूर्यगढ़ा।
EVM और VVPAT: वोटिंग प्रक्रिया कैसे होती है
मतदाता को पहचान पत्र (ID Card) दिखाने के बाद गोपनीय कक्ष में भेजा जाता है, जहां EVM (Electronic Voting Machine) पर वोट देना होता है।
बैलेट यूनिट पर उम्मीदवार का नाम और चुनाव चिन्ह (Symbol) होता है। पसंदीदा प्रत्याशी के सामने नीला बटन दबाने से वोट दर्ज होता है। जैसे ही आप बटन दबाते हैं, लाल लाइट जलती है और लंबी बीप की आवाज़ आती है — इसका मतलब है कि आपका वोट सफलतापूर्वक दर्ज हो गया।
चुनाव आयोग के अनुसार, “7 सेकंड तक बटन दबाने की बात अफवाह है।” वोट तुरंत दर्ज हो जाता है और मशीन लॉक हो जाती है।
EVM से जुड़े जरूरी तथ्य
- एक EVM यूनिट में 16 प्रत्याशियों तक का नाम दर्ज किया जा सकता है।
- अगर किसी सीट पर 10 प्रत्याशी हैं तो बाकी बटन डिएक्टिव रहते हैं।
- NOTA (None of the Above) का विकल्प भी होता है।
- हर मिनट में 4 से अधिक वोट नहीं डाले जा सकते।
- एक मशीन में अधिकतम 2000 वोट रिकॉर्ड हो सकते हैं, लेकिन आमतौर पर 1500 वोट तक ही डाले जाते हैं।
VVPAT पर्ची से कैसे जानें कि वोट सही गया
VVPAT मशीन से निकलने वाली छोटी पर्ची (slip) से मतदाता यह सुनिश्चित कर सकता है कि उसका वोट सही उम्मीदवार को ही गया है।
यह पर्ची 7 सेकंड तक दिखाई देती है और फिर सुरक्षित बॉक्स में गिर जाती है।
सुरक्षा और पारदर्शिता की तैयारी
- मतदान शुरू होने से पहले, पोलिंग बूथ पर पीठासीन अधिकारी सभी एजेंटों को मशीन दिखाते हैं।
- सभी बटन दबाकर यह प्रमाणित किया जाता है कि EVM में पहले से कोई वोट दर्ज नहीं है।
- मॉक पोलिंग के बाद रिजल्ट दिखाया जाता है और फिर “Clear” बटन दबाकर उसे शून्य किया जाता है।
- यह पूरी प्रक्रिया सुबह 7 बजे से पहले पूरी कर ली जाती है।
टेक्नोलॉजी से लैस होगा बिहार चुनाव
इस बार चुनाव आयोग (ECI) ने कई आधुनिक व्यवस्थाएं लागू की हैं —
- 100% वेबकास्टिंग: हर पोलिंग बूथ की निगरानी रीयल टाइम में।
- नई मतदाता सूचना पर्ची (VIS): मतदाताओं को आसान पहचान की सुविधा।
EVM-Net App: बूथों से सीधे मतदान रिपोर्टिंग।
दिलचस्प आंकड़े
- दीघा विधानसभा सीट पर सबसे अधिक 4,57,657 मतदाता।
- बरबीघा विधानसभा सीट पर सबसे कम 2,31,998 मतदाता।
- बांकीपुर विधानसभा क्षेत्रफल में सबसे छोटा (16.24 वर्ग किमी)।
- सूर्यगढ़ा विधानसभा क्षेत्रफल में सबसे बड़ा (62.25 वर्ग किमी)।
कौन-कौन मैदान में
पहले चरण के चुनाव में कई बड़े चेहरे मैदान में हैं —
तेजस्वी यादव (RJD), सम्राट चौधरी (Deputy CM, BJP), विजय सिन्हा, तेज प्रताप यादव, उमेश कुशवाहा, भोला यादव, मैथिली ठाकुर और खेसारी लाल यादव। नीतीश सरकार के 16 मंत्री भी चुनाव मैदान में उतर रहे हैं — जिनमें 11 बीजेपी और 5 जेडीयू के मंत्री शामिल हैं।
किस पार्टी के कितने उम्मीदवार मैदान में
एनडीए गठबंधन
जेडीयू (JDU): 57 प्रत्याशी
बीजेपी (BJP): 48 प्रत्याशी
लोजपा (राम विलास): 13 प्रत्याशी
राष्ट्रीय लोक मोर्चा: 2 प्रत्याशी
महागठबंधन (RJD+Congress+Left)
आरजेडी: 71 प्रत्याशी
कांग्रेस: 24 प्रत्याशी
लेफ्ट पार्टियां (भाकपा-6, माकपा-3, भाकपा-माले-5): कुल 14 प्रत्याशी
वीआईपी: 6 प्रत्याशी
अन्य दल
आईआईपी: 2 प्रत्याशी
जन सुराज पार्टी (प्रशांत किशोर): 118 प्रत्याशी
बिहार चुनाव 2025 का पहला चरण महज़ वोटिंग नहीं, बल्कि लोकतंत्र के प्रति जागरूकता की परीक्षा है। हर वोट बिहार के भविष्य की दिशा तय करेगा। चुनाव आयोग ने पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था सुनिश्चित की है। अब बारी है मतदाताओं की — अपने हक का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करें, क्योंकि “एक वोट, एक बदलाव की शुरुआत है।


Aankhen 




