दिल्ली के कालकाजी में DDA का बुलडोजर एक्शन: 1200 झुग्गियों पर गिरी गाज, विरोध-प्रदर्शन जारी
दिल्ली के कालकाजी में भूमिहीन कैंप पर DDA का बुलडोजर एक्शन जारी है। हाईकोर्ट के आदेश पर 1200 झुग्गियों को हटाया जा रहा है। आम आदमी पार्टी ने कार्रवाई का विरोध किया है, जबकि बीजेपी ने इसे अदालत का आदेश बताया।
दिल्ली के कालकाजी इलाके के भूमिहीन कैंप में अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) का बुलडोजर एक्शन तेज हो गया है। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार सुबह 5:30 बजे से यह कार्रवाई शुरू हुई। लगभग 1200 झुग्गियों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी संख्या में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।
लोगों का गुस्सा: नोटिस के बावजूद राहत नहीं
DDA ने अतिक्रमण हटाने से पहले झुग्गियों पर नोटिस चिपकाए थे, जिसमें तीन दिन के भीतर स्थान खाली करने की चेतावनी दी गई थी। बावजूद इसके स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्हें कोई मौका नहीं दिया गया और अचानक तोड़फोड़ शुरू कर दी गई।
आतिशी का आरोप: बीजेपी का दमनकारी रवैया
आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे "दमनकारी अभियान" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को उजाड़ने पर तुली है। आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "रेखा गुप्ता जी, आपने कहा था कि कोई झुग्गी नहीं तोड़ी जाएगी। फिर इतनी भारी सुरक्षा बलों की तैनाती क्यों?"
बीजेपी का बयान: अदालत के आदेश का पालन जरूरी
बीजेपी नेताओं ने इसे अदालत के आदेश का पालन बताते हुए कार्रवाई को सही ठहराया। मुख्यमंत्री गुप्ता ने रविवार को कहा था, "हम अदालत के आदेशों का उल्लंघन नहीं कर सकते। विस्थापित निवासियों को वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया गया है।"
विरोध प्रदर्शन और तनाव बढ़ा
झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग कार्रवाई का विरोध कर रहे हैं। भूमिहीन कैंप के निवासियों ने इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। हालांकि भारी पुलिसबल के चलते किसी बड़े टकराव से बचा गया।
पहले भी हुआ विरोध
यह पहली बार नहीं है जब DDA के ध्वस्तीकरण अभियान ने विवाद खड़ा किया हो। इससे पहले दक्षिणी दिल्ली के मद्रासी कैंप और अन्य इलाकों में भी झुग्गी-झोपड़ी हटाने को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए थे।


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