बिहार में बिजली योजनाओं पर सख्ती, मार्च 2026 तक ‘सात निश्चय-2’ पूरा करने का अल्टीमेटम

ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में ‘सात निश्चय-2’ की बिजली परियोजनाओं को मार्च 2026 तक पूरा करने के निर्देश। RDSS, रूफटॉप सोलर और कृषि विद्युत कनेक्शन पर जोर।

बिहार में बिजली योजनाओं पर सख्ती, मार्च 2026 तक ‘सात निश्चय-2’ पूरा करने का अल्टीमेटम

ऊर्जा विभाग के सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को विद्युत भवन स्थित सभागार में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में दक्षिण बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार, उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार सहित विभाग के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान रिवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत चल रही तथा प्रस्तावित बिजली परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। इसमें नए विद्युत शक्ति उपकेंद्रों के निर्माण, ऑफ-ग्रिड से ऑन-ग्रिड कनेक्शन और अन्य आधारभूत ढांचागत कार्यों की प्रगति पर विशेष चर्चा हुई।

सात निश्चय-2 की समयसीमा पर सख्त निर्देश
ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि ‘सात निश्चय-2’ के अंतर्गत संचालित सभी परियोजनाओं को हर हाल में मार्च 2026 तक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि समयसीमा का कड़ाई से पालन न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी है, बल्कि आम उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली सेवा देने के लिए भी जरूरी है।

कमिशनिंग से पहले SOP जांच होगी अनिवार्य
बैठक में यह भी तय किया गया कि विभाग से जुड़ी किसी भी परियोजना की कमिशनिंग से पहले मुख्यालय स्तर से मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार जांच अनिवार्य होगी। ऊर्जा सचिव ने कहा कि बिजली से जुड़ी सभी सेवाएं 24×7 उपलब्ध कराई जाती हैं और ये अत्यधिक संवेदनशील श्रेणी में आती हैं, इसलिए तार, पोल, ट्रांसफॉर्मर से लेकर उपकेंद्र तक हर स्तर पर निर्माण गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।

मुख्यालय से औचक निरीक्षण और डबल वेरिफिकेशन
ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यालय स्तर से औचक निरीक्षण किए जाएं और द्विपक्षीय सत्यापन की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की गुंजाइश न रहे।

कृषि कनेक्शन और रूफटॉप सोलर के लिए कैंप लगाने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना-2 और कुटीर ज्योति योजना को लेकर भी अहम निर्देश दिए गए। ऊर्जा सचिव ने कहा कि प्रमंडल, अवर प्रमंडल और सेक्शन स्तर पर विशेष कैंप लगाकर कृषि विद्युत कनेक्शन के आवेदन और कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाने के लिए आवेदन पत्र लिए जाएं।

ढाई लाख घरों में सोलर रूफटॉप का लक्ष्य
अधिकारियों को बताया गया कि योजना के पहले चरण में लगभग ढाई लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। फिलहाल उपभोक्ता सुविधा ऐप के जरिए ऑनलाइन सहमति दे रहे हैं, लेकिन काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए कैंप लगाकर प्रमंडल स्तर से कम से कम पांच हजार सहमति पत्र एकत्र करने के निर्देश दिए गए।