कुख्यात माफिया डॉन विनय त्यागी की एम्स ऋषिकेश में मौत, पुलिस कस्टडी में बदमाशों ने मारी थी गोली
हरिद्वार में पेशी के दौरान हुए हमले में घायल कुख्यात माफिया डॉन विनय त्यागी की एम्स ऋषिकेश में मौत हो गई। पुलिस कस्टडी फायरिंग, उसका आपराधिक नेटवर्क और अब आगे की जांच पर पूरी रिपोर्ट।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात माफिया डॉन विनय त्यागी की इलाज के दौरान एम्स ऋषिकेश में मौत हो गई। हरिद्वार में हुए सनसनीखेज हमले के बाद गंभीर रूप से घायल त्यागी को वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद आज सुबह उसने दम तोड़ दिया। एम्स प्रशासन के अनुसार, उसके शव का पोस्टमार्टम आज किया जाएगा।
पेशी के दौरान हुआ हमला
बताया जा रहा है कि यह वारदात तीन दिन पहले हरिद्वार में उस वक्त हुई, जब पुलिस विनय त्यागी को कोर्ट में पेशी के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान एक पुल पर पुलिस की गाड़ी को घेरकर नकाबपोश बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए।
पुलिस के सामने बदमाशों की बेखौफ फायरिंग
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हमलावर कई राउंड गोलियां चलाते रहे और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। फायरिंग में गंभीर रूप से घायल विनय त्यागी को पहले हरिद्वार में प्राथमिक इलाज दिया गया, इसके बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए ऋषिकेश एम्स रेफर किया गया था।
दो दिन से लाइफ सपोर्ट पर था त्यागी
एम्स ऋषिकेश में पिछले दो दिनों से विनय त्यागी लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर था। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी हालत पर नजर बनाए हुए थी, लेकिन उसकी चोटें इतनी गंभीर थीं कि वह बच नहीं सका। बुधवार को हुई गोलीबारी के बाद से ही उसकी हालत लगातार नाजुक बनी हुई थी।
कई राज्यों में फैला था क्राइम नेटवर्क
विनय त्यागी का नाम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे कुख्यात अपराधियों में शुमार था। उसका आपराधिक नेटवर्क सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं था, बल्कि दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा और महाराष्ट्र तक फैला हुआ बताया जाता है। गिरफ्तारी से पहले वह कई राज्यों में छिपता फिर रहा था और लंबे समय तक पुलिस को चकमा देता रहा।
60 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विनय त्यागी के खिलाफ हत्या, रंगदारी, हथियार तस्करी और अपहरण जैसे करीब 60 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। कम उम्र में ही उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा और धीरे-धीरे अपना गिरोह मजबूत करता चला गया।
हथियार तस्करी और गैंग नेटवर्क की जांच तेज
जांच एजेंसियों का दावा है कि त्यागी एक राज्य से दूसरे राज्यों में अवैध हथियारों की सप्लाई भी करता था। उसके गिरोह में दो दर्जन से ज्यादा सक्रिय बदमाश शामिल थे, जो अलग-अलग राज्यों में आपराधिक वारदातों को अंजाम देते थे। उसकी मौत के बाद अब इस पूरे नेटवर्क को लेकर पुलिस की जांच और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।


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