मेरी थाली सेहत वाली: बिहार में पोषण माह पर यूनिसेफ़ और सरकार का बड़ा अभियान

बिहार में पोषण माह 2025 के मौके पर ICDS, मिड-डे मील विभाग और यूनिसेफ़ ने मिलकर 'मेरी थाली सेहत वाली' अभियान लॉन्च किया। इस कार्यक्रम का मकसद है—बच्चों और महिलाओं के पोषण को अधिकार के रूप में स्थापित करना और मीडिया को संवेदनशील रिपोर्टिंग के लिए प्रोत्साहित करना।

मेरी थाली सेहत वाली: बिहार में पोषण माह पर यूनिसेफ़ और सरकार का बड़ा अभियान

सितंबर को पोषण माह (Poshan Maah) के रूप में मनाने के अवसर पर बिहार में एक खास पहल की शुरुआत हुई। आईसीडीएस (ICDS), मिड-डे मील (MDM) विभाग और यूनिसेफ़ (UNICEF) के वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने मिलकर मीडिया के साथ “मेरी थाली सेहत वाली” अभियान लॉन्च किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य है—समाज में पोषण को अधिकार और जिम्मेदारी दोनों के रूप में स्थापित करना।

पोषण परिवार और समाज की साझा जिम्मेदारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मिड-डे मील निदेशक, बिहार सरकार, विनायक मिश्रा ने कहा कि यह अभियान इस संदेश के साथ शुरू किया गया है कि पोषण केवल सरकार की नहीं, बल्कि परिवार, समुदाय और मीडिया—सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि मिड-डे मील योजना अब केवल अनाज बाँटने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

मीडिया की अहम भूमिका
वरिष्ठ मीडिया विशेषज्ञ प्रवीण बागी ने कहा कि मीडिया ने हमेशा स्वास्थ्य और पोषण संबंधी बदलावों को समाज तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि मीडिया के प्रयासों से बाल मृत्यु दर में कमी और स्वास्थ्य सुधार जैसे बड़े सामाजिक बदलाव संभव हुए हैं। उनके अनुसार, बच्चों को केंद्र में रखकर की गई रिपोर्टिंग ही एक मजबूत समाज की नींव बनाती है।

यूनिसेफ़ के विशेषज्ञों की राय
यूनिसेफ़ की संचार विशेषज्ञ डॉ. पूजा ने मीडिया को बच्चों और किशोरों से जुड़े मुद्दों को सामने लाने का मुख्य सहयोगी बताया। वहीं, यूनिसेफ़ की पोषण अधिकारी डॉ. शिवानी दार ने कहा— पोषण कोई दान नहीं है, यह हर बच्चे और महिला का अधिकार है। मीडिया इस अधिकार को पहुँचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

बच्चों की भोजन आदतें और परिवार की जिम्मेदारी
नालंदा मेडिकल कॉलेज के डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि बच्चों की खान-पान की आदतों पर सबसे ज्यादा प्रभाव माता-पिता का होता है। आईसीडीएस अधिकारी जया मिश्रा ने महिलाओं और बच्चों के आहार सुधार में आईसीडीएस योजनाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं, यूनिसेफ़ पोषण अधिकारी डॉ. संदीप घोष ने एनीमिया और मोटापा रोकने के लिए हेल्दी डाइट पैकेज प्रस्तुत किए।

अभियान की प्रचार सामग्री का विमोचन
इस अवसर पर मेरी थाली सेहत वाली अभियान की प्रचार सामग्री भी लॉन्च की गई। इसमें आईसीडीएस, एमडीएम विभाग और यूनिसेफ़ के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राज्य के वरिष्ठ पत्रकार, संपादक, टीवी-रेडियो पेशेवर और डिजिटल मीडिया क्रिएटर्स ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।

मीडिया को संवेदनशील रिपोर्टिंग के लिए प्रोत्साहन
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था मीडिया को प्रेरित करना ताकि वे पोषण, स्वास्थ्य और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर गहराई, संवेदनशीलता और तत्परता से रिपोर्टिंग कर सकें।