ईरान पर ट्रंप का सख्त रुख, बिना शर्त आत्मसमर्पण के बिना युद्ध खत्म नहीं
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण किए बिना युद्ध खत्म नहीं होगा। उनके बयान के बाद तेल बाजार में हलचल मच गई और ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर के पार पहुंच गई। इस बीच तेहरान में इजराइली हवाई हमले की खबर भी सामने आई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक बार फिर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा, जब तक कि ईरान पूरी तरह बिना शर्त आत्मसमर्पण न कर दे। ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट के जरिए कही। उनके अनुसार यदि ईरान झुकता है, तभी क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
नए नेतृत्व से ईरान को मजबूत बनाने का दावा
ट्रंप ने अपने संदेश में यह भी कहा कि यदि ईरान आत्मसमर्पण करता है तो वहां एक नया, बेहतर और दुनिया को स्वीकार्य नेतृत्व उभर सकता है। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देश मिलकर ईरान को संकट और तबाही के किनारे से वापस लाने में मदद करेंगे। उनका मानना है कि सही नेतृत्व मिलने पर ईरान आर्थिक रूप से पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और समृद्ध बन सकता है।
‘मेक ईरान ग्रेट अगेन’ नारे से दिया नया राजनीतिक संदेश
अपने पोस्ट में ट्रंप ने एक नया नारा भी दिया — “मेक ईरान ग्रेट अगेन”, जो उनके मशहूर नारे “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” की तर्ज पर है। उन्होंने कहा कि ईरान का भविष्य उज्ज्वल हो सकता है, लेकिन इसके लिए वहां की वर्तमान नीतियों और नेतृत्व में बदलाव जरूरी है।
बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल
ट्रंप के इस बयान का असर वैश्विक तेल बाजार में भी देखने को मिला। उनके बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के प्रमुख मानक Brent Crude की कीमत तेजी से बढ़ गई और यह 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने की आशंका से ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ जाती है।
पहले भी कई बार ईरान पर दबाव बना चुके हैं ट्रंप
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की हो। इससे पहले भी उन्होंने ऐसी मांग उठाई थी, जब अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के विकल्पों पर विचार कर रहा था। उनका मानना है कि कठोर दबाव ही ईरान की नीतियों को बदलने का एकमात्र रास्ता है।
नए सुप्रीम लीडर के चयन में भूमिका की इच्छा
एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वे ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में भूमिका निभाना चाहते हैं। उन्होंने यह बातचीत अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म Axios को दी। ट्रंप का कहना है कि जिस तरह उन्होंने पहले वेनेजुएला की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी की थी, उसी तरह ईरान में भी सही नेतृत्व स्थापित होना जरूरी है।
खामेनेई के बेटे को संभावित उत्तराधिकारी मानने पर आपत्ति
ईरान के नेता Ali Khamenei के बेटे Mojtaba Khamenei को संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है, लेकिन ट्रंप ने इस संभावना की खुलकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान को ऐसा नेता चाहिए जो देश में स्थिरता और शांति ला सके। उनका मानना है कि यदि नई नेतृत्व व्यवस्था भी पुरानी नीतियों को ही आगे बढ़ाती रही, तो भविष्य में अमेरिका और ईरान के बीच फिर से टकराव हो सकता है।
तेहरान में भूमिगत बंकर पर बड़ा हवाई हमला
इसी बीच मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है। इजराइल की वायुसेना ने राजधानी Tehran में स्थित ईरानी नेतृत्व परिसर के नीचे बने एक अंडरग्राउंड बंकर को निशाना बनाकर बड़ा हमला किया। रिपोर्ट के मुताबिक, Israeli Air Force के लगभग 50 लड़ाकू विमानों ने इस हमले में 100 से अधिक बम गिराए।
हमले से ईरान की सैन्य कमांड प्रणाली को नुकसान का दावा
बताया जा रहा है कि यह बंकर खास तौर पर सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाया गया था और इसका इस्तेमाल वरिष्ठ ईरानी अधिकारी बैठकों और संचालन के लिए करते थे। यह भूमिगत नेटवर्क शहर की कई सड़कों के नीचे तक फैला हुआ था और इसमें कई प्रवेश द्वार तथा मीटिंग कक्ष मौजूद थे। इजराइली सेना का दावा है कि इस हमले से ईरान की कमांड और नियंत्रण क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है।


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