कांग्रेस नेता के खेत में राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार, पकाते वक्त धराए 3 आरोपी; हिस्ट्रीशीटर भी शामिल

उदयपुर में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार का बड़ा मामला। कांग्रेस के ऋषभदेव ब्लॉक अध्यक्ष के खेत में मोर पकाते पकड़े गए तीन आरोपी, 50 से ज्यादा मामलों वाला हिस्ट्रीशीटर भी गिरफ्तार।

कांग्रेस नेता के खेत में राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार, पकाते वक्त धराए 3 आरोपी; हिस्ट्रीशीटर भी शामिल

राजस्थान के उदयपुर जिले से राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ऋषभदेव थाना पुलिस ने मोर का शिकार कर उसका मांस पकाते हुए कांग्रेस के ऋषभदेव ब्लॉक अध्यक्ष समेत तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह पूरी घटना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि राष्ट्रीय प्रतीक से जुड़े अपराध के कारण राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल मच गई है।

गुप्त सूचना पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
पुलिस के अनुसार यह घटना रविवार देर शाम की है। थानाधिकारी हेमंत कुमार अहारी को सूचना मिली थी कि बिलख फलां गड़ावत इलाके में नदी किनारे स्थित एक खेत में मोर को मारकर उसका मांस पकाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और खेत में दबिश दी। यह खेत कांग्रेस के ऋषभदेव ब्लॉक अध्यक्ष रूपलाल मीणा का बताया जा रहा है।

खेत में चल रही थी नॉनवेज पार्टी की तैयारी
पुलिस जब खेत में पहुंची तो वहां रूपलाल मीणा अपने दो साथियों अर्जुनलाल और राकेश के साथ मौजूद था। तीनों आरोपी मोर का शिकार कर उसके मांस को पकाने की तैयारी कर रहे थे। मौके से मोर का मांस भी बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने तत्काल तीनों को हिरासत में ले लिया और वन विभाग को भी सूचना दी गई।

वन विभाग ने की शिकार की पुष्टि
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। संयुक्त जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि पकड़ा गया पक्षी राष्ट्रीय पक्षी मोर ही है। पूछताछ में आरोपियों ने शिकार करना स्वीकार कर लिया है। इसके बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। शिकार में इस्तेमाल किए गए साधनों की भी जांच की जा रही है।

50 से ज्यादा मामलों वाला कुख्यात अपराधी गिरफ्तार
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर यह भी सामने आया कि आरोपी अर्जुन मीणा कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ 50 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 16 से ज्यादा मामले राजस्थान के विभिन्न जिलों में दर्ज हैं, जिनमें चोरी, लूट और मारपीट जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं। इस खुलासे के बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया है।

पूछताछ जारी, कई और खुलासों की उम्मीद
फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। यह भी जांच की जा रही है कि इससे पहले भी इस तरह के शिकार की घटनाएं हुई हैं या नहीं। राष्ट्रीय पक्षी के शिकार से जुड़ा यह मामला कानून के साथ-साथ सामाजिक चेतना पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।