आतंकी संगठन ISIS का अफ्रीका, सीरिया और अफगानिस्तान में बढ़ा प्रभाव, UN ने जताई गहरी चिंता

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने अपनी रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि ISIS फिर से सक्रिय हो गया है। अफ्रीका, सीरिया और अफगानिस्तान में यह संगठन आधुनिक तकनीक और विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल कर आतंक फैला रहा है। जानें पूरी रिपोर्ट।

आतंकी संगठन ISIS का अफ्रीका, सीरिया और अफगानिस्तान में बढ़ा प्रभाव, UN ने जताई गहरी चिंता

संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने अपनी ताज़ा रिपोर्ट में बड़ा खुलासा किया है कि इस्लामिक स्टेट (ISIS) के आतंकी संगठन ने फिर से खतरनाक तरीके से अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ्रीका, सीरिया और अफगानिस्तान जैसे क्षेत्रों में जारी अस्थिरता का आईएस आतंकवादी फायदा उठा रहे हैं और अब वे आधुनिक तकनीकों (Artificial Intelligence - AI, सोशल मीडिया) का इस्तेमाल कर आतंक का नेटवर्क और तेज़ी से फैला रहे हैं।

2017 में इराक में हार, लेकिन ISIS के स्लीपर सेल अब भी सक्रिय
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक में खुलासा किया गया कि वर्ष 2017 में इराक में करारी हार झेलने के बावजूद आईएसआईएस के स्लीपर सेल्स अब भी सीरिया और इराक में सक्रिय हैं। इसके अलावा, दुनिया के कई हिस्सों में भी इसके समर्थक मौजूद हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इन बढ़ती गतिविधियों को वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।

अफ्रीका में ISIS का बढ़ता प्रभाव
संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद-रोधी कार्यालय (UNOCT) के प्रमुख व्लादिमीर वोरोनकोव ने कहा कि अफ्रीका का साहेल क्षेत्र (Burkina Faso, Mali, Niger) अब आईएसआईएस के लिए नया गढ़ बनता जा रहा है। यहां इसकी गतिविधियों में हाल के महीनों में तेज़ी आई है और संगठन अब पश्चिम अफ्रीका में आतंकवाद का बड़ा प्रचारक बन चुका है। वोरोनकोव के मुताबिक, विदेशी आतंकी भी यहां आकर्षित हो रहे हैं।

लीबिया और सोमालिया में ISIS नेटवर्क
लीबिया में हाल ही में हुई गिरफ्तारियों से इस क्षेत्र में आईएस के नेटवर्क के फैलाव की पुष्टि हुई है। वहीं, सोमालिया में सुरक्षा बलों ने कड़ा अभियान चलाते हुए करीब 200 आतंकियों को मार गिराया और 150 से ज्यादा को गिरफ्तार किया।

ISIS को विदेशी फंडिंग और तकनीकी मदद
संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद-रोधी समिति (CTC) की प्रमुख नतालिया गेरमन ने बताया कि लेक चाड बेसिन (Lake Chad Basin) क्षेत्र में ISIS को विदेशी फंडिंग, ड्रोन और विस्फोटक उपकरण (IEDs) जैसी तकनीकी मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि अफ्रीका आज वैश्विक आतंकवाद से होने वाली मौतों का सबसे बड़ा शिकार बन गया है।

इराक, सीरिया और अफगानिस्तान में फिर से पैर जमाने की कोशिश
रिपोर्ट में कहा गया कि इराक और सीरिया के उत्तर-पश्चिमी बादिया रेगिस्तान में ISIS फिर से सक्रिय हो रहा है और सांप्रदायिक तनाव भड़काकर प्रशासन को अस्थिर करने की रणनीति अपना रहा है। 

वहीं अफगानिस्तान में इसका सहयोगी संगठन आईएस खुरासान (ISIS-K) अब भी पश्चिम एशिया और आसपास के इलाकों के लिए सबसे बड़ा खतरा बना हुआ है। वोरोनकोव ने चेतावनी दी कि यह संगठन स्थानीय समुदायों, अल्पसंख्यकों और विदेशी नागरिकों को लगातार निशाना बना रहा है।